DVC के कार्यकारी निदेशक पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश एनएलसी इंडिया लिमिटेड के नए निदेशक पावर बनाये गये

Bokaro:डीवीसी में वर्तमान में कार्यकारी निदेशक ऑपरेशन के पद पर कार्यरत पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश को एनएलसी इंडिया लिमिटेड का नया निदेशक पावर...

Bokaro:डीवीसी में वर्तमान में कार्यकारी निदेशक ऑपरेशन के पद पर कार्यरत पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश को एनएलसी इंडिया लिमिटेड का नया निदेशक पावर बनाया गया है. भारत सरकार के लोक उद्यम चयन बोर्ड ने निदेशक पावर के लिए उनके नाम की आधिकारिक सिफारिश की है.

कड़े मुकाबले के बाद हुआ चयन 

​कड़े मुकाबले के बाद हुआ चयन-नई दिल्ली स्थित पीईएसबी मुख्यालय में मंगलवार, 9 जून को आयोजित एक उच्च स्तरीय चयन बैठक में इस पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की गई. इस रेस में देश की विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के कुल 11 शीर्ष अधिकारी शामिल हुए थे. कड़े मुकाबले और गहन साक्षात्कार के बाद बोर्ड ने डीवीसी के चैतन्य प्रकाश के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई. आज बुधवार (10.06.2026) को नाम सार्वजनिक किया गया है.

कई दिग्गज ने दावेदारी पेश की 

​इंटरव्यू में शामिल हुए थे देश के दिग्गज अधिकारी-निदेशक पावर जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए देश की दिग्गज ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के अधिकारियों ने दावेदारी पेश की थी. इंटरव्यू में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के पांच शीर्ष अधिकारियों के अलावा, एनटीपीसी के केरांडारी कोयला खनन परियोजना के जीएम अरुण कुमार सक्सेना,सेल के सीजीएम अजय शर्मा और भेल के महाप्रबंधक बिकाश मिश्रा सहित डीवीसी से ही कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ठाकुर भी शामिल थे. इन सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए डीवीसी के तकनीकी विंग को संभाल रहे चैतन्य प्रकाश ने सफलता हासिल की.

हर्ष का माहौल 

​डीवीसी और औद्योगिक हलकों में हर्ष का माहौल-पावर सेक्टर में एक लंबा और प्रभावी अनुभव रखने वाले डीवीसी के पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश के इस चयन से डीवीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है. सहकर्मियों का मानना है कि डीवीसी में संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ रखने में उनका जो योगदान रहा है, उसका लाभ अब एनएलसी इंडिया लिमिटेड को मिलेगा. केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद वह जल्द ही अपना नया कार्यभार नये संस्थान में संभालेंगे. एनएलसी इंडिया लिमिटेड (पहले इसका नाम ‘नैवेली लिग्नाइट कारपोरेशन लिमिटेड’ था) भारत सरकार की नवरत्न कम्पनी है. यह लिग्नाइट का खनन करती है. यह लिग्नाइट कोयले की सबसे बड़ी खदान है तथा तमिलनाडु मे स्थित है. यह प्रति वर्ष लगभग 3 करोड़ टन लिग्नाइट का उत्पादन करती है. इस लिग्नाइट का उपयोग ताप विद्युत संयंत्र में विद्युत उत्पादन के लिये किया जाता है. इसके विद्युत संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 3640 मेगावाट है.इसका 1000 मेगावाट का ताप-विद्युत उत्पादन का संयुक्त उपक्रम भी है. हाल में ही इस कम्पनी ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी प्रवेश किया है और 1404 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा विद्युत संयंत्र स्थापित किया है. इसके अलावा 51 मेगावाट क्षमता का पवन ऊर्जा भी उत्पन्न कर रही है.

AlsoRead:देवघर में एसीबी की कार्रवाई, मनरेगा का फाइनल बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने वाला इंजीनियर गिरफ्तार

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *