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Ranchi : राज्यसभा चुनाव के नामांकन की स्क्रूटनी के दौरान झारखंड की सियासत में उस समय हलचल मच गई, जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर से निकलते ही सीधे तौर पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए. खुर्शीद ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि यहां सब कुछ पहले से तय था. मैं दिल्ली से पैरवी के लिए आया जरूर, लेकिन मेरे पहुंचने से पहले ही आनन-फानन में मामले को ‘क्लोज’ कर दिया गया. कांग्रेस का आरोप है कि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन में गंभीर विसंगतियां थीं. जिसे प्रशासन ने अनदेखा कर दिया. खुर्शीद ने तंज कसते हुए कहा कि शाम 6 बजे जब आदेश की कॉपी मिलेगी. तब इस पूरे ‘खेल’ का आधिकारिक पर्दाफाश हो जाएगा.

आपत्ति जताते ही बदला एफिडेविट
सलमान खुर्शीद ने मीडिया के सामने दो टूक कहा कि उम्मीदवार का नाम ‘नाथवानी परिमल’ नहीं बल्कि ‘परिमल नाथवानी’ है. इस तकनीकी और कानूनी चूक पर कांग्रेस विधायक ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी. जैसे ही हमने आपत्ति जताई, बड़ी होशियारी के साथ सुनवाई से ठीक पहले एक नया एफिडेविट तैयार करके जमा कर दिया गया. आखिर स्क्रूटनी के वक्त नया हलफनामा कैसे स्वीकार किया जा सकता है.
आंकड़ों और तथ्यों के खेल पर उठे सवाल
• कांग्रेस ने परिमल नाथवानी पर केवल नाम बदलने का नहीं, बल्कि अपनी अकूत संपत्ति की सही जानकारी छिपाने का भी संगीन आरोप लगाया है.
• नाथवानी परिमल’ बनाम ‘परिमल नाथवानी’ के फेरबदल से कानूनी पहचान को उलझाने की कोशिश.
• आपत्ति दर्ज होते ही बैक-डेट या आनन-फानन में नया एफिडेविट (शपथ पत्र) दाखिल किया गया.
• खुर्शीद का दावा है कि नाथवानी ने अपनी वास्तविक चल-अचल संपत्ति और कई महत्वपूर्ण वित्तीय विवरणों को चुनाव आयोग से छुपाया है.
• कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शाम 6 बजे मिलने वाली आदेश प्रतिलिपि के आते ही वे इस मामले को आगे ले जाएंगे.
