UPSC Topper From Bihar: बिहार के इस्तित्व आनंद ने हासिल की 50वीं रैंक, गांव में जश्न का माहौल

बिहार: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होते ही बिहार के बाढ़ क्षेत्र के ढीवर गांव का एक नाम पूरे...

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बिहार: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होते ही बिहार के बाढ़ क्षेत्र के ढीवर गांव का एक नाम पूरे देश में चर्चा में आ गया. इस गांव के रहने वाले इस्तित्व आनंद ने UPSC CSE 2025 में 50वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता पाई है. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है. जैसे ही इस्तित्व आनंद के सफल होने की खबर गांव पहुंची, लोगों ने मिठाइयां बांटकर और अबीर लगाकर खुशी मनाई. गांव में जश्न का माहौल बन गया और हर कोई उनकी मेहनत और लगन की तारीफ करता नजर आया.

पढ़ाई के लिए घर से दूर रहना पड़ा

इस्तित्व आनंद की शुरुआती पढ़ाई मसूरी के ओक ग्रोव स्कूल से हुई. आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली चले गए. दिल्ली में उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. इसी दौरान उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है. अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत और तैयारी जारी रखी.

पहली कोशिश में नहीं मिली कामयाबी

UPSC को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है और इस्तित्व के लिए भी यह सफर आसान नहीं था. पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम नहीं आ पाया. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और और ज्यादा मेहनत के साथ दूसरी बार परीक्षा दी. इस बार उनकी मेहनत सफल हुई और उन्होंने पूरे देश में 50वीं रैंक हासिल कर ली.

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माता-पिता को बेटे पर था भरोसा

इस्तित्व के पिता राजेश कुमार पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं. बेटे की सफलता पर उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से विश्वास था कि इस्तित्व एक दिन जरूर बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा. वहीं उनकी मां अनमोल कुमारी रेलवे सुरक्षा बल में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं और दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन पर तैनात हैं. बेटे की सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है.

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गांव में खुशी का माहौल

इस्तित्व आनंद की सफलता की खबर जैसे ही ढीवर गांव पहुंची, पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया. लोगों ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी. उनकी दादी बताती हैं कि बचपन से ही इस्तित्व पढ़ाई में काफी तेज थे. उन्हें घर का बना आलू का भुजिया बहुत पसंद है और वह अक्सर इसे खाने की फरमाइश करते रहते थे.

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