हाईकोर्ट ने कहा- 5 IPS अधिकारियों और 5 सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध हो जांच, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी राहत

विनीत आभा उपाध्याय Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले से गुमशुदा हुई एक लड़की की तलाश के मामले में गुमला पुलिस की...

विनीत आभा उपाध्याय

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले से गुमशुदा हुई एक लड़की की तलाश के मामले में गुमला पुलिस की कार्यशैली और घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. इस मामले में हुई अब तक की सुनवाई में अदालत ने गृह विभाग के प्रधान सचिव और झारखंड के पुलिस महानिदेशक को वर्ष 2018 से 2022 के बीच गुमला में तैनात रहे पुलिस अधीक्षकों और इस मामले के जांच अधिकारी रहे सब इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों  के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था.

इस मामले की सुनवाई चल रही है

हाईकोर्ट ने यह आदेश 12 मई को दिया था. कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव करने से इंकार कर दिया जिसके बाद सरकार ने याचिका वापस ले ली. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई. झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई चल रही है.

हाईकोर्ट में गुहार लगाई है

दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट में गुमला जिले की चंद्रमुनि उरांव ने याचिका दायर की है. उन्होंने अपने गुमशुदा बच्चे को ढूंढने का निर्देश देने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.चन्द्रमुनि का बच्चा वर्ष 2020 में गुमशुदा हो गया था जिसके बाद गुमला जिले के एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग थाना में मामला दर्ज किया गया है जिसका कांड संख्या 03/2020 है. हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों को रडार पर लिया है उसमें अंशुमन कुमार (IPS), अश्विनी कुमार सिन्हा (IPS), अंजनी कुमार झा (IPS), एच.पी. जनार्दनन (IPS), और डॉ. एहतशाम वकारिब (IPS) का नाम शामिल है. उक्त सभी अधिकारी वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2023 तक गुमला जिले में एसपी के पद पर कार्य कर चुके हैं. इन अधिकारियों के अलावा हाईकोर्ट ने गुमला जिले के एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग थाना में वर्ष 2018 से लेकर अब तक इस केस की जांच में शामिल रहे चुके एएसआई राजेश कुमार तिवारी, सब-इंस्पेक्टर प्रेम सागर सिंह, रवि होनहागा, आकाश कुमार पांडेय, महेंद्र महतो और वर्तमान आईओ राहुल कुमार दसौंधी के विरुद्ध भी हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है.

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