Giridih: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रखंडवार योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक के दौरान उपायुक्त ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अप्रैल एवं मई 2026 माह के खाद्यान्न वितरण की प्रगति की समीक्षा की और समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुनियोजित तरीके से पहुंचना चाहिए.
समीक्षा के क्रम में NFSA एवं JSFSS योजना के तहत खाद्यान्न वितरण, चना दाल वितरण, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना, चीनी एवं नमक वितरण, पीवीटीजी परिवारों को राशन उपलब्ध कराने, जन वितरण प्रणाली (PDS) तथा ग्रीन राशन कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.

खाद्यान्न वितरण और पीवीटीजी परिवारों को लाभ पहुंचाने पर जोर
उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण हर हाल में समय पर सुनिश्चित किया जाए. खाद्यान्न के उठाव और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में विशेष रूप से पीवीटीजी परिवारों को डाकिया योजना के माध्यम से राशन वितरण की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पात्र पीवीटीजी परिवारों को शत-प्रतिशत एवं समय पर योजना का लाभ मिलना चाहिए. इसके साथ ही सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के लाभुकों को भी पूर्ण रूप से लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने पीजीएमएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों और मामलों का शीघ्र निष्पादन, आधार सीडिंग, सुसुप्त राशन कार्डों के सत्यापन, ग्रीन कार्ड से एनएफएसए कार्ड में परिवर्तन, ई-पॉश मशीनों की स्थिति तथा अन्य योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा.
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पुराने खाद्यान्न के विनिष्टीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने गोदामों में रखे पुराने एवं अनुपयोगी खाद्यान्न के संबंध में भी निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि जो खाद्यान्न मानव उपभोग योग्य नहीं रह गया है, उसकी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी से जांच कराकर प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए तथा विभागीय नियमों के तहत उसका विनिष्टीकरण कराया जाए.
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचे और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए. बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी तेज कुमार हांसदा, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
