Giridih: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त रामनिवास यादव ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, मानव संसाधनों की उपलब्धता तथा रिक्त पदों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई.
रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने जानकारी दी, कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सदर अस्पताल एवं विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में वर्तमान में कुल 101 पद रिक्त हैं. उन्होंने बताया कि इन पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा रोस्टर स्वीकृति और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है.

238 पदों के रोस्टर की पुनः समीक्षा करने का निर्देश
इस दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने एनएचएम के अंतर्गत स्वीकृत 238 पदों के रोस्टर की पुनः समीक्षा करने तथा आवश्यक रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया. साथ ही वर्तमान में रिक्त 101 पदों के लिए भी जल्द से जल्द रोस्टर क्लियरेंस प्राप्त कर नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा.
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया, कि सभी प्रशासनिक और विभागीय औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो. उन्होंने कहा कि नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमानुसार की जाएंगी, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधनों की कमी दूर हो सके.
सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश
बैठक में बताया गया कि रिक्त पदों में एएनएम, स्टाफ नर्स, ब्लॉक डाटा मैनेजर, फार्मासिस्ट, न्यूट्रिशनल काउंसलर, एसटीएस, डीएमसी-एलटी सहित कई तकनीकी एवं प्रशासनिक पद शामिल हैं. इन पदों पर नियुक्ति होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण योजनाओं तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा, कि जिले के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे.
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