Ranchi: शहर में लगातार गिरते भू-गर्भ जल स्तर को थामने और पानी के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए रांची नगर निगम ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. आज अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में जलापूर्ति शाखा के पदाधिकारियों और रिंग मशीन (बोरिंग) संचालकों के साथ बैठक संपन्न हुई. बैठक में शहर के भीतर चल रहे अवैध बोरिंग के खेल पर गहरी चिंता जताई गई और इसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए.
अवैध बोरिंग पर नकेल: केवल 207 रिंग मशीनें ही वैध
बैठक के दौरान चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कि पूरे शहर में वर्तमान में केवल 207 रिंग मशीनों का निबंधन ही वैध है. इसके अलावा बिना अनुमति के चलने वाली सभी मशीनें अवैध मानी जाएंगी.

अपर नगर आयुक्त ने निर्देश जारी किए हैं, कि बिना पूर्व अनुमति के धड़ल्ले से की जा रही 6 इंच की कमर्शियल/घरेलू बोरिंग पाए जाने पर कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होगी. इसके अलावा, अब तक घरेलू उपयोग के लिए होने वाली 4 इंच की सामान्य बोरिंग को लेकर नियम ढीले थे, लेकिन अब शहरवासियों को 4 इंच की बोरिंग कराने से पहले भी नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया गया है.
नाइट स्क्वाड रखेगा नजर, रात में होगी विशेष निगरानी
अक्सर देखा जाता है कि नियमों को ठेंगा दिखाकर रात के अंधेरे में अवैध रूप से बोरिंग मशीनों को उतारा जाता है. इस पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम की रात्रि इनफोर्समेंट टीमों को विशेष रूप से एक्टिव कर दिया गया है. ये टीमें रात में गश्त करेंगी और अवैध रूप से हो रही बोरिंग को जब्त कर जुर्माना वसूलेंगी.
दीवारों पर बोरिंग के विज्ञापन दिखे, तो खैर नहीं!
शहर की दीवारों, पोल और सार्वजनिक स्थानों पर ‘बोरिंग के लिए संपर्क करें’ जैसे अवैध विज्ञापनों और पोस्टरों की भरमार रहती है. अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि अब अगर शहर में ऐसा कोई भी पोस्टर या प्रचार सामग्री पाई गई, तो संबंधित व्यक्ति, संचालक या संस्थान को चिन्हित कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.
जल संरक्षण के लिए ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ अपनाने की अपील
बैठक में गिरते जलस्तर पर चिंता जताते हुए अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने रांची के नागरिकों से अपील की है, कि जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर एक नागरिक का कर्तव्य है. भविष्य के संकट से बचना है तो हमें पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना होगा. फिजूलखर्ची रोकें और अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणाली को जरूर अपनाएं ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन के अंदर जाए और जलस्तर बना रहे.
