लोहरदगा: समय रहते रुका नाबालिग लड़की का बाल विवाह, बाल कल्याण समिति की तत्परता से बचा भविष्य

Reporter: Amit Verma Lohardaga: कैरो थाना क्षेत्र अंतर्गत गजनी पंचायत के गजनी गांव की एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह करवाया जा...

Child marriage
एआई सांकेतिक तस्वीर

Reporter: Amit Verma

Lohardaga: कैरो थाना क्षेत्र अंतर्गत गजनी पंचायत के गजनी गांव की एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह करवाया जा रहा था, जिसे समय रहते रोक दिया गया. बाल कल्याण समिति एवं संबंधित विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बच्ची का भविष्य सुरक्षित हो सका है. यह विवाह लड़की के ननिहाल कुरसे गांव में संपन्न कराया जाना था, लेकिन सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की और कानूनी प्रक्रिया के तहत बाल विवाह को रुकवा दिया.

विभागीय टीम ने परिजनों और स्वजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से कराया अवगत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाल कल्याण समिति के सदस्यों को गुप्त सूचना मिली थी, कि गजनी गांव की एक नाबालिग लड़की का विवाह तय कर दिया गया है. सूचना मिलते ही समिति एवं संबंधित विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और मामले की सत्यता की जांच के लिए लड़की के नाना घर कुरसे गांव पहुंचे. जांच के दौरान लड़की के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें उसकी उम्र विवाह के लिए निर्धारित वैधानिक आयु से कम पाई गई. इसके बाद बाल कल्याण समिति एवं विभागीय टीम ने लड़की के परिजनों और स्वजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया. अधिकारियों ने समझाया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. साथ ही उनकी शिक्षा बाधित होती है और उनका भविष्य प्रभावित होता है. अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जिसके तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

समिति के सदस्यों ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की भी जानकारी दी और समझाया कि बेटियों की शिक्षा एवं बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है.टीम की समझाइश और जागरूकता के बाद परिजन विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए.

परिवार के सदस्यों ने स्वीकार की गलती

जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने लड़की के अभिभावकों एवं स्वजनों से लिखित अथवा मौखिक रूप से वचनबद्ध भी लिया, कि लड़की के बालिग होने के बाद ही उसका विवाह किया जाएगा. इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में कानून का पालन करने का आश्वासन दिया.

चलाया जा रहा लगातार जागरूकता अभियान

बाल कल्याण समिति के अधिकारियों ने कहा कि जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों के विवाह की सूचना मिलती है, तो प्रशासन त्वरित कार्रवाई करता है. उन्होंने आम लोगों से भी अपील की, कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.  वहीं, समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक नाबालिग बच्ची का भविष्य अंधकारमय होने से बच गया और समाज में बाल विवाह के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश भी गया.

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