Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी रामगढ़ के अरगड्डा क्षेत्र में हुए अवैध कोयला खनन हादसे का जायजा लेने रविवार को घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चारों गरीब मजदूरों देवा बेदिया, डबलू बेदिया, किशोर रवानी और आशीष घटवार के पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. बंद खदान में गिरे एक व्यक्ति को बचाने के दौरान दम घुटने से हुई इन मौतों पर गहरा दुख जताते हुए मरांडी ने इसे महज हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र द्वारा की गई सामूहिक हत्या करार दिया. विस्थापित ग्रामीणों ने मरांडी को बताया कि जमीन और नौकरी जाने के कारण वे बेहद गरीब हैं और मजबूरी में जान जोखिम में डालते हैं. परिजनों ने सीसीएल से 10-10 लाख मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है.
बाबूलाल ने व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
• प्रशासनिक विफलता: बंद खदानों की घेराबंदी और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सीसीएल की है, लेकिन इलाके में 100 से अधिक अवैध सुरंगनुमा कूप चल रहे हैं, जहां पंखे तक की व्यवस्था है. यह सब मैनेजमेंट के बिना मुमकिन नहीं है.
• अमानवीयता का आरोप: रेस्क्यू के नाम पर 5,000 रुपए की वसूली और गंभीर घायलों को बेहतर अस्पताल भेजने के बजाय सीधे पोस्टमार्टम के लिए ले जाना बेहद शर्मनाक है.
• न्यायिक जांच की मांग: उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने और दोषियों पर हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की.
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