Ranchi: झारखंड के सबसे व्यस्त रांची–महुलिया (टाटा) राष्ट्रीय राजमार्ग को अब जर्जर सड़क से राहत मिलेगी. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रयासों से लगभग 126.497 किमी लंबे NH-33/43/18 के सुदृढ़ीकरण व पुनर्विकास के लिए 214.79 करोड़ रुपये की ओवरले परियोजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है.
क्षतिग्रस्त सतह हटाकर बिछेगी नई परत
लगातार भारी वाणिज्यिक वाहनों, खनिज परिवहन और मानसून के कारण इस मार्ग की बिटुमिनस सतह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी थी. प्रस्तावित कार्य के तहत पुरानी क्षतिग्रस्त परत की मिलिंग कर डेंस बिटुमिनस मैकाडम DBM व बिटुमिनस कंक्रीट BC की नई परत बिछाई जाएगी. इससे सड़क की संरचनात्मक क्षमता बढ़ेगी, यात्रा समय घटेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
बता दें, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची–टाटा कॉरिडोर की खराब स्थिति को लगातार केंद्र के समक्ष उठाया था. उन्होंने कहा कि यह मार्ग झारखंड की राजधानी को औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से जोड़ने के साथ ओडिशा व पश्चिम बंगाल तक अंतर्राज्यीय आवागमन का प्रमुख गलियारा है. परियोजना की स्वीकृति से क्षेत्र के व्यापार, उद्योग और आम यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी.
भूमि पूजन कार्यक्रम 18 जून को आयोजित
परियोजना का भूमि पूजन कार्यक्रम 18 जून को आयोजित किया जाएगा. इसके बाद तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. भारतीय सड़क कांग्रेस IRC के मानकों व गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया के अनुसार निर्माण होगा. यह परियोजना झारखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूती देने के साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी.
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