Khunti: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर 9 जून को उनकी जन्मस्थली उलिहातु पहुंचे उलगुलान मोर्चा के अध्यक्ष मुकेश मुंडा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से ऐतिहासिक गांव उलिहातु के समग्र विकास की मांग की है. उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा से मुलाकात के दौरान यह महसूस हुआ कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी की जन्मभूमि आज भी अपेक्षित विकास की प्रतीक्षा कर रही है.
सुखराम मुंडा आज भी संजोए हुए हैं अपने पूर्वज भगवान बिरसा मुंडा की विरासत
मुकेश मुंडा ने बताया कि लगभग 75 से 85 वर्ष की आयु के सुखराम मुंडा आज भी अपने पूर्वज भगवान बिरसा मुंडा की विरासत, इतिहास और संघर्ष को संजोए हुए हैं. उन्होंने कहा कि धरती आबा ने मात्र 24 वर्ष 6 माह 25 दिन की अल्पायु में अंग्रेजी शासन के खिलाफ उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व कर जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हजारों आदिवासियों को संगठित किया था. डोम्बारी बुरु की धरती उनके संघर्ष और बलिदान की गवाह है.
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल आदिवासी समाज के नायक नहीं, बल्कि पूरे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी हैं. उनकी स्मृति और योगदान को भारतीय संसद में भी सम्मान मिला है. इसके बावजूद उनकी जन्मभूमि उलिहातु आज भी रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, पर्यटन विकास और आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र में पीछे है.
गांव के सर्वांगीण विकास के लिए अभी और ठोस प्रयासों की आवश्यकता
मुकेश मुंडा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर देश और राज्य के अनेक जनप्रतिनिधि, मंत्री एवं अधिकारी उलिहातु पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, लेकिन गांव के सर्वांगीण विकास के लिए अभी और ठोस प्रयासों की आवश्यकता है. उन्होंने मांग की कि उलिहातु को एक आदर्श स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किया जाए तथा इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान दिलाई जाए.
उन्होंने कहा कि यदि गांव में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विशेष योजनाएं लागू की जाएं तो स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और धरती आबा की विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा.
उलिहातु के विकास के लिए विशेष पैकेज एवं दीर्घकालिक विकास योजना बनाने की अपील
उलगुलान मोर्चा की ओर से भारत सरकार, झारखंड सरकार तथा संबंधित विभागों से अपील की गई है, कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु के समग्र विकास के लिए विशेष पैकेज एवं दीर्घकालिक विकास योजना बनाई जाए. मुकेश मुंडा ने कहा कि उलिहातु कोई सामान्य गांव नहीं, बल्कि एक महान जननायक और स्वतंत्रता सेनानी की जन्मभूमि है, जिसे उसके गौरव और ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप सम्मान एवं विकास मिलना चाहिए.


