Bokaro: पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने बोकारो स्थित आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों को “भारत के पुनर्निर्माण का दशक” करार दिया. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश घोटालों के लिए जाना जाता था, जबकि 2014 के बाद भारत निर्णय, निष्ठा और नवाचार के लिए प्रसिद्ध हुआ है. उन्होंने झारखंड के संदर्भ में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने जनजातीय गौरव को मजबूत किया है. 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती को “जनजातीय गौरव दिवस” घोषित किया गया और उलीहातू में बिरसा मुंडा म्यूजियम का निर्माण कराया गया, जो आदिवासी अस्मिता की प्रमुख पहचान बन चुका है.
सामाजिक योजनाओं का व्यापक लाभ मिला : अर्जुन मुंडा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत झारखंड में 8.12 लाख पक्के घर बनाए गए, उज्ज्वला योजना के माध्यम से 40.5 लाख गैस कनेक्शन दिए गए और आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.52 करोड़ कार्ड बनाए गए. उन्होंने कहा कि धरती आबा योजना के माध्यम से गांव-गांव सड़क पहुंच सुनिश्चित हुई है. इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में रांची-खूंटी चार लेन, धनबाद-गोविंदपुर फोरलेन और रांची रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट कार्यों का भी उन्होंने उल्लेख किया. साथ ही कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजकर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है.
राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर डिजिटल क्रांति तक की उपलब्धियां गिनाईं
प्रेस वार्ता के दौरान अर्जुन मुंडा ने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे निर्णय लिए गए. उन्होंने कहा कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया तथा यूपीआई के माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान नेटवर्क का विकास हुआ. इसके अलावा आयुष्मान भारत, नई शिक्षा नीति 2020, महिला सशक्तिकरण, पीएम किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत अभियान, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, जी-20 की सफल मेजबानी और आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसी उपलब्धियों का भी उन्होंने उल्लेख किया.
2047 के विकसित भारत के लिए ‘पंच प्रण’ जरूरी
अर्जुन मुंडा ने प्रधानमंत्री के “अमृत काल” के विचार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए ‘पंच प्रण’ आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी की मानसिकता का अंत, विरासत पर गर्व, एकता और नागरिक कर्तव्य जैसे संकल्पों के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकेगा.


