Hazaribagh: शहर के ओकनी क्षेत्र में पशु प्रेम और मानवीय संवेदना की एक अनूठी व अभूतपूर्व मिसाल देखने को मिली है. बीते 3 जून को ओकनी तालाब के समीप अत्यंत गंभीर और अधमरी हालत में मिली एक लकवाग्रस्त फीमेल डॉग ‘पिंटू’ को स्थानीय युवाओं की संस्था ‘कृतज्ञ ग्रुप’ के अथक प्रयासों से नया जीवन मिला है. हजारीबाग के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा मामला माना जा रहा है, जहां पूरी तरह से पैरालिसिस की शिकार हो चुकी किसी बेजुबान का न केवल सफल इलाज किया गया, बल्कि उसे दोबारा अपने पैरों पर खड़ा कर दौड़ने की स्थिति में ला दिया गया.
गर्दन तक उठाने में असमर्थ थी पिंटू, आधुनिक थेरेपी से हुआ चमत्कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब ‘कृतज्ञ ग्रुप’ के सदस्यों को पिंटू के विषय में सूचना मिली थी, तब वह अपनी गर्दन तक उठाने में पूरी तरह असमर्थ थी. इस बेज़ुबान की जान बचाने का बीड़ा उठाते हुए ग्रुप के सक्रिय सदस्यों प्रियल, अनिकेत, अंकित, आदित्य, लक्षिता, निरंजन, अर्पिता, पलक, लवली और शशांक ने पशु चिकित्सक डॉ. हेमंत वेक्टर शॉ के साथ संपर्क किया. डॉक्टर के उचित परामर्श पर उसे पेट क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां उसका सघन उपचार शुरू हुआ. इलाज के दौरान पिंटू को दवाओं के साथ-साथ इन्फ्रारेड थेरेपी और हाइड्रो थेरेपी जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां दी गई. टीम की चौबीसों घंटे की उचित देखभाल और नियमित थेरेपी की मदद से मात्र 10 दिनों के भीतर एक बड़ा चमत्कार देखने को मिला और वह पूरी तरह स्वस्थ हो गई.

ओकनी तालाब के पास पिंटू को किया गया मुक्त, भावुक हुए स्थानीय लोग
पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ‘कृतज्ञ ग्रुप’ के सदस्य पिंटू को लेकर वापस ओकनी तालाब के पास पहुंचे, ताकि उसे उसके प्राकृतिक परिवेश में स्वतंत्र रूप से जीने के लिए छोड़ा जा सके. इस दौरान वहां के जागरूक और प्रबुद्ध नागरिक स्वतः स्फूर्त रूप से एकत्रित हो गए. कुछ दिन पहले तक मरणासन्न स्थिति में पड़ी पिंटू को अपने सामने सामान्य रूप से दौड़ते और पूंछ हिलाते देख वहां के निवासी भावुक हो उठे. स्थानीय लोगों ने बेजुबान की जान बचाने के लिए ‘कृतज्ञ ग्रुप’ की पूरी टीम की निस्वार्थ मेहनत की सराहना की और संस्था की संस्थापक प्रियल अखौरी सिंह को विशेष रूप से बधाई दी.

आवारा पशुओं के प्रति ओकनी वासियों के स्नेह की हुई सराहना
इस मौके पर ‘कृतज्ञ ग्रुप’ की संस्थापक प्रियल अखौरी सिंह ने ओकनी के निवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के लोग आवारा जानवरों के साथ बेहद स्नेहपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार करते है. यही कारण है कि इस क्षेत्र के स्ट्रीट डॉग्स इंसानों के प्रति बेहद दोस्ताना और शांत स्वभाव के है. उन्होंने कहा कि पिंटू इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसने इतने गंभीर और दर्दनाक इलाज के दौरान भी कभी किसी सदस्य या डॉक्टर के प्रति आक्रामकता नहीं दिखाई. ओकनी वासी पूरे समाज के लिए एक मिसाल हैं कि अगर हम आवारा पशुओं को नियमित भोजन और सही व्यवहार दें, तो वे वफादार और दोस्ताना बन जाते है.
बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता अपनाने की अपील
अभियान के समापन पर ‘कृतज्ञ ग्रुप’ की ओर से हजारीबाग के समस्त नागरिकों से एक विशेष और मानवीय अपील की गई है. संस्था ने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया है कि वे सड़क पर रहने वाले असहाय और बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता का भाव त्याग कर संवेदनशीलता अपनाएं और उनके साथ अच्छा व्यवहार करें. यदि हम इन मूक प्राणियों को थोड़ा सा प्यार और सुरक्षा देंगे, तो बदले में वे भी समाज को असीम वफादारी और प्रेम लौटाएंगे.
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