Bokaro: रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के चिर-प्रतिक्षित मांग, सम्मान पेंशन एवं सभी आन्दोलनकारियों के आश्रित पुत्रों/पोतों/बच्चियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत आश्रितों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर प्रस्ताव पारित हुआ. इस पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव मंत्रीमंडल में पास होना, आंदोलनकारी के लिए बहुत बड़ी सौगात है.
जल्द से जल्द मंत्रिमंडल के इस निर्णय को करे अधिसूचित
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा सदस्यों ने कहा, कि राज्य सरकार जल्द से जल्द मंत्रिमंडल के इस निर्णय को अमली जामा पहनाते हुए अधिसूचित करे, ताकि जीते जी सभी आंदोलनकारियों को राज्य गठन की तिथि से सम्मान पेंशन सम्मानपूर्वक देने का कार्य करें. यह उपलब्धि मोर्चा के संस्थापक केन्द्रीय प्रधान सचिव पुष्कर महतो के नेतृत्व में हुए सफलतापूर्वक आंदोलनों के कारण ही संभव हो पाया है. वहीं, इस पर एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो, जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव हाबुलाल गोराईं एवं खिरोधर महतो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया.
मोर्चा सदस्यों ने कहा कि अग्रणी झारखंड आंदोलनकारी दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन के सुपुत्र हेमन्त सोरेन ने आंदोलनकारियों की संवेदना को जाना और हमारी मांगें पूरी की. साथ ही उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में वर्तमान सरकार आगे भी बाकि मांगों को पूरा करेगी. आन्दोलनकारियों द्वारा संयम से आंदोलन करना भी उपलब्धि का एक कारण है.
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