Ranchi : रिम्स (RIMS) में लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन की फर्जीवाड़े के जरिये खरीद-बिक्री करने की आरोपी लवली देवी ने एसीबी कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की गुहार लगाई है. लवली देवी की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसीबी को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित की है. इससे पहले ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अप्रैल महीने में इस केस से जुड़े 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. यह मामला फर्जी वंशावली बनाकर सरकारी जमीन बेचने से जुड़ा है. जिसमें 16 सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी रडार पर हैं.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच शुरू
झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद यह जांच की जा रही है. एसीबी अब तक फर्जी वंशावली तैयार करने वाले कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा को गिरफ्तार कर चुकी है. अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि भू माफियाओं ने 1964-65 में अधिग्रहित रिम्स की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे निजी संपत्ति बताकर बिल्डरों को करीब 31 लाख रुपये में बेचा था.
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