Ranchi: झारखंड CID मुख्यालय में डायल 1930 सेवा के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 50 सिपाहियों का इंटरव्यू संपन्न हुआ. सुबह से शाम तक चले इस चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से कंप्यूटर एवं तकनीकी विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए. इंटरव्यू का परिणाम इसी माह के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है. CID मुख्यालय ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह चयन प्रक्रिया आयोजित की. इंटरव्यू के माध्यम से तकनीक और साइबर मामलों में रुचि रखने वाले ऊर्जावान सिपाहियों का चयन किया जाएगा.
कंट्रोल रूम में होगी तैनाती
चयनित सिपाहियों की तैनाती डायल 1930 के कंट्रोल रूम में की जाएगी. इनका मुख्य दायित्व साइबर ठगी और अन्य साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना तथा आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करना होगा.
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें 1930 पर कॉल
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो उसे बिना देर किए डायल 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए. ठगी के कुछ घंटों के भीतर की गई शिकायत को सबसे प्रभावी माना जाता है. शिकायत दर्ज कराने के दौरान पीड़ित को अपना नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और संबंधित ट्रांजैक्शन की जानकारी देनी होती है. इसके बाद कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी मामले को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं.
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