Ranchi: कांग्रेस विधायक दल की मैराथन बैठक के बाद नेताओं की चेहरे की मुस्कान और गठबंधन के रणनीतिकारों द्वारा दिखाए गए विक्ट्री साइन ने यह साफ कर दिया है कि सत्ताधारी गठबंधन इस बार किसी भी तरह के क्रॉस वोटिंग या तकनीकी चूक के जोखिम को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. यह बैठक केवल एक औपचारिक विमर्श नहीं, बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी को जमीन पर उतारने की एक क्लीनिकल ड्रिल थी.
माइक्रो-मैनेजमेंट और वोटिंग की पाठशाला
कांग्रेस कोटे की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का यह बयान कि बैठक में बताया गया कि वोट कैसे करना है, गठबंधन इस बार जीरो-एरर थ्योरी पर काम कर रहा है. विधायकों को बाकायदा वोटिंग प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि किसी भी अनपेक्षित चूक से बचा जा सके.
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RJD के साथ ‘सार्थक’ तालमेल और नंबर गेम का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का राजद के साथ बैठक को ‘सार्थक’ बताना इस बात का संकेत है कि महागठबंधन के भीतर अंदरूनी कलह को समय रहते सुलझा लिया गया है. वहीं, सांसद नासिर हुसैन का यह दावा कि संख्या हमारे पास स्पष्ट है. तमाम कयासों और राजनीतिक उठापटक के बीच, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और उम्मीदवार प्रणव झा के ‘विक्ट्री साइन’ ने यह संदेश दे दिया है कि सत्ताधारी खेमा दोनों सीटों पर अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.



