Ranchi: आजसू पार्टी ने अपने 40वें स्थापना दिवस को जनाक्रोश मार्च के रूप में मनाने का फैसला किया है. पार्टी प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा, कि 22 जून को धनबाद में आयोजित होने वाला कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और राज्य में कथित माफिया राज, भ्रष्टाचार तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उलगुलान का बिगुल फूंका जाएगा.
राज्य की जनता भ्रष्टाचार, अपराध और माफिया तंत्र से परेशान
रांची स्थित अपने बुकरू आवासीय कार्यालय में कांके प्रखंड के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आजसू ने संघर्ष के बल पर झारखंड राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज राज्य की जनता भ्रष्टाचार, अपराध और माफिया तंत्र से परेशान है.
जनाक्रोश मार्च में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कार्यकर्ता भी होंगे शामिल
सुदेश महतो ने कहा कि जनता की आवाज को बुलंद करने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष को नई धार देने के उद्देश्य से 22 जून को होने वाले जनाक्रोश मार्च में झारखंड के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया.
इस अवसर पर आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि 22 जून 1986 को आजसू के गठन के बाद झारखंड आंदोलन को नई दिशा और धार मिली थी. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को वार्ता के लिए आगे आना पड़ा और बाद में आजसू के एनडीए के साथ जुड़ने के बाद वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का सपना साकार हुआ.
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