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सरायकेला: कपाली ओपी में आदिवासी युवती से मारपीट और अवैध हिरासत का आरोप, SP से FIR की मांग 

Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी एक आदिवासी युवती को कपाली ओपी में पूछताछ के दौरान मारपीट...

Kapali OP
SP को आवेदन देते हुए पीड़िता का भाई व अन्य

Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी एक आदिवासी युवती को कपाली ओपी में पूछताछ के दौरान मारपीट कर अवैध हिरासत में रखने का गंभीर आरोप सामने आया है. पीड़िता के भाई ने पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां को लिखित आवेदन देकर दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है.

कई घंटों तक एक कमरे में बंद कर युवती की बेरहमी से की गई पिटाई

आवेदन के अनुसार, 15 जून 2026 को कपाली ओपी पुलिस अल्पना माहली को पूछताछ के लिए लेकर गई थी. पीड़िता और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है, कि उसे कई घंटों तक एक कमरे में बंद कर मुर्गा बनाकर बेरहमी से पीटा गया. मारपीट में थाना प्रभारी धिरंजन कुमार, मोहम्मद मुकलेसुर रहमान और कंचन झा के शामिल होने का आरोप लगाया गया है. पीड़िता के भाई ने आवेदन में लिखा है, कि मारपीट इतनी क्रूर थी कि अल्पना के छाती और गुप्तांग पर गंभीर चोटें आई हैं. यह कृत्य महिला की लज्जा भंग और गरिमा का अपमान करने की नीयत से किया गया प्रतीत होता है.

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MGM अस्पताल में चल रहा इलाज

गंभीर रूप से घायल अल्पना माहली को तत्काल MGM अस्पताल, डिमना में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. चिकित्सकीय रिपोर्ट को भी आवेदन के साथ संलग्न किया गया है.

BNS और SC/ST Act के तहत FIR की मांग

आवेदक ने इसे भारतीय संविधान, मानवाधिकारों और अनुसूचित जनजातियों को मिले कानूनी संरक्षण का खुला उल्लंघन बताया है. उन्होंने SP से मांग की है, कि भारतीय न्याय संहिता BNS 2023 की धारा 115, 117, 126, 127, 131, 74, 79, 351, 352 और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत मामला दर्ज कर दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जाए. साथ ही पीड़िता को SC/ST Act के तहत सुरक्षा और मुआवजा देने की मांग की गई है. वहीं, आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग और SC/ST आयोग को भी भेजी गई है.

फिलहाल पूरे मामले ने पुलिस की कार्यशैली और आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. चंदन गुप्ता, जवाहर लाल माहली, राकेश रंजन महतो, नारायण महतो, डॉ. सत्यनारायण मुर्मू, इंद्र हेम्ब्रम, शंकर सेन महाली, दिनकर कच्छप, आकाश महतो, बबलू सोरेन एवं अंबालिका महली के साथ आदि लोग शामिल थे.

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