Ranchi: एनआइए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में नंदलाल स्वर्णकार उर्फ नंदलाल सोनी के जमानत पर सुनवाई हुई. मामले में गवाह के पेश नहीं होने के कारण सुनवाई की अगली तिथि 22 जून निर्धारित की गयी है. अदालत ने मामले में नंदलाल स्वर्णकार को अंतिम मौका दियाह है. इसके पहले भी जमानत पर सुनवाई के दौरान गवाह अदालत में पेश नहीं हुआ था. नंदलाल सोनी पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) सुप्रीमो दिनेश गोप के टेरर फंडिग के सहयोगी में 10 में से एक सहयोगी है. बताते चले की वर्ष 2016 में टेरर फंडिंग मामले रांची के बेड़ो थाना में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) को टेरर फंडिंग के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने नक्सली संगठन पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप सहित 11 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की है. रांची स्थित एनआइए के विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में एनआइए ने बताया है कि बेड़ो थाने में 10 नवंबर 2016 को एक केस दर्ज हुआ था. उक्त केस नोटबंदी के वक्त 25.38 लाख के 500 व 1000 के पुराने नोट के साथ पेट्रोल पंप कर्मियों की गिरफ्तारी से संबंधित है. तब बात सामने आई थी कि ये रुपये पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के थे, जो लेवी-रंगदारी से जुटाए गए थे. इस मामले में रांची पुलिस ने 09 जनवरी 2017 को पहला आरोप पत्र दाखिल किया था. एनआइए ने टेरर फंडिंग के इस केस को टेकओवर करते हुए 19 जनवरी 2018 को नया केस दर्ज किया और अनुसंधान शुरू किया.
पीएलएफआइ के टेरर फंडिंग में गिरफ्तार आरोपी
पीएलएफआइ के टेरर फंडिंग में गिरफ्तार आरोपी विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर महतो, मोहन कुमार उर्फ राजेश कुमार, सुमंत कुमार उर्फ पवन कुमार, नंदलाल स्वर्णकार उर्फ नंदलाल सोनी, चंद्रशेखर सिंह, अरुण गोप, जितेंद्र कुमार व गुजरात का नवीन भाई जयंती भाई पटेल शामिल है.
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