Saraikela: जिले के चांडिल थाना अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र की रहने वाली युवती तस्नीम खातून के एक माह से लापता होने का मामला अब जोर पकड़ता जा रहा है. बेटी की सलामती को लेकर चिंतित स्थानीय लोगों ने बुधवार को कपाली नगर निगम के उपाध्यक्ष से मुलाकात कर खोजबीन तेज करने और उसकी बरामदगी की मांग की.
एक माह से लापता
स्थानीय लोगों के अनुसार, कपाली ओपी क्षेत्र निवासी तस्नीम खातून पिछले एक माह से घर से लापता है. अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है कि वह किस हालत में है और कहां है. परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है.
उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
तस्नीम की बरामदगी की मांग को लेकर महिला एवं पुरुषों का एक प्रतिनिधिमंडल कपाली नगर निगम के उपाध्यक्ष से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी युवती का पता नहीं चल पाना परिवार और पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तस्नीम को जल्द बरामद करे और उसके परिवार को न्याय दिलाए.
आश्वासन मिला
मांग पत्र मिलने के बाद नगर उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करेंगे, ताकि खोज अभियान को और तेज किया जा सके. उन्होंने कहा कि बेटी की बरामदगी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्नीम की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. संभावित ठिकानों पर छापेमारी और तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से जांच आगे बढ़ाई जा रही है. हालांकि अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
न्याय की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की जांच और तेज की जाए तथा तस्नीम को जल्द से जल्द सकुशल उसके घर पहुंचाया जाए, ताकि परिवार को इस मानसिक पीड़ा से राहत मिल सके.
पुलिस पर सवाल
एक ओर कपाली की युवती तस्नीम खातून एक माह से लापता है, वहीं दूसरी ओर इसी मामले की जांच के दौरान कांदरबेड़ा की आदिवासी युवती अल्पना माहली के साथ मारपीट का आरोप सामने आया है. लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप में कपाली ओपी के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
मारपीट का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, तस्नीम खातून के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए 15 जून 2026 को कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी आदिवासी युवती अल्पना माहली को कपाली ओपी बुलाया गया था. आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसे घंटों एक कमरे में बंद रखकर मुर्गा बनाया गया और बेरहमी से पीटा गया. थाना प्रभारी धिरंजन कुमार, मोहम्मद मुकलेसुर रहमान और कंचन झा समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है.
गंभीर चोटें आने का दावा
परिजनों का आरोप है कि मारपीट में अल्पना माहली के सीने और गुप्तांगों पर गंभीर चोटें आई हैं. पीड़िता का इलाज MGM अस्पताल, डिमना में चल रहा है. परिजनों ने इसे महिला की गरिमा तथा अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन बताया है.
तीन पुलिसकर्मी निलंबित
मामले के तूल पकड़ने और मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कपाली ओपी के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. निलंबित पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी भी शामिल बताए जा रहे हैं.
FIR की मांग
अल्पना माहली के भाई ने सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर BNS 2023 की धारा 115, 117, 126, 127, 131, 74, 79 तथा SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
दोनों मामलों पर बढ़ा दबाव
वहीं तस्नीम खातून के लापता होने के मामले में भी ग्रामीणों ने नगर उपाध्यक्ष को मांग पत्र सौंपकर खोजबीन तेज करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि एक लड़की के लापता होने की जांच के दौरान दूसरी आदिवासी बेटी पर कथित अत्याचार पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
जांच शुरू
सरायकेला-खरसावां पुलिस का कहना है कि मारपीट के आरोपों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं तस्नीम खातून की बरामदगी के लिए अलग टीम गठित कर जांच तेज कर दी गई है. फिलहाल कपाली क्षेत्र में तस्नीम की बरामदगी और अल्पना माहली को न्याय दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है.



