Ranchi: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के नौवें दिन नगर विकास विभाग, पर्यटन, पथ, उच्च शिक्षा विभाग के बजट पर अपनी बात रखते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के साथ पेट में अनाज का भी होना जरूरी है. सरकार ने समावेशी बजट बनाया है. यह झारखंड के सपनों के उड़ान का बजट है. उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में पथ विभाग ने 88.89 फीसदी, नगर विकास विभाग ने 83 फीसदी, उच्च शिक्षा विभाग ने 54.27 फीसदी, भवन निर्माण ने 85.46 फीसदी और पर्यटन खेलकूद कला संस्कृति ने 63 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है.
नेतरहाट स्कूल अपनी खोई गरिमा पुनः प्राप्त करेगा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नेतरहाट स्कूल पुनः अपनी खोई गरिमा प्राप्त करेगा. इस स्कूल में जैक के माध्यम से इंटरेंस की बात की गई है. इसके एपेक्स बॉडी के चेयरमैन खुद सीएम हैं. उन्होंने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का मुकाबला प्राइवेट स्कूल नहीं कर सकते. बच्चों का ड्राप आउट कम हुआ है. प्राथमिक में 1.33 और माध्यमिक में 3.49 फीसदी ही ड्राप आउट रेट है. अंगीभूत कॉलेजों में इंटर की पढ़ बंद होने के बाद बच्चों को प्सल टू स्कूलों में शिफ्ट किया गया. 11 नगर निकायों में कचरा प्रेसेसिंग का काम चालू हो चुका है. माइनिंग टूरिज्म के लिए कई संस्थानों के साथ एमओयू किया गया है. कोडरमा में सर्किल रेट कम करना संभव नहीं है. बजट का 12 फीसदी खर्च 34 हजार स्कूलों के लिए किया जाता है. कैसरे हिंद की जमीन में आबंटित दुकानों में अगर गड़बड़ी पाई गई तो कार्रवाई होगी.
