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बजट सत्रः अबुआ दिशोम बजट सिर्फ दस्तावेज नहीं बल्कि झारखंड का भविष्य, आकांक्षा और स्वाभिमान है- कल्पना सोरेन

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के नौवें दिन कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट सिर्फ दस्तावेज...

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के नौवें दिन कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट सिर्फ दस्तावेज ही नहीं बल्कि झारखंड का भविष्य, आकांक्षा और स्वाभिमान है. बजट सिर्फ आंकड़ों में प्रदर्शित नहीं होगा, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा.

उन्होंने कहा कि जब से गठबंधन की सरकार बनी है, तब से बजट 86 हजार करोड़ से बढ़कर एक लाख 58 हजार करोड़ रुपये हो गया है. बजट में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. झारखंड के आर्थिक विकास में भी वृद्धि हुई है. कोरोना काल में भी झारखंड के आर्थिक विकास की गति धीमी नहीं हुई.

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विपक्ष को परेशानी होती है

कल्पना सोरेन ने कहा कि बजट बढ़ने और विकास होने पर भी विपक्ष को परेशानी होती है. अबुआ सरकार राजनीति नहीं बल्कि झारखंड का भविष्य बनाना चाहती है. झारखंड की आधी आबादी युवा है और यह राशि युवाओं के भविष्य पर खर्च होगी.

उन्होंने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के 40 बच्चों ने जेईई में सफलता पाई है. जब नीतियां सही होती हैं तो उसका परिणाम भी जमीन पर दिखाई देता है. आज सड़कों की लंबाई 5000 किलोमीटर से बढ़कर 15000 किलोमीटर हो गई है.

उन्होंने कहा कि रेलवे को चलाने में झारखंड की अहम भूमिका है. रेल मंत्रालय से आग्रह है कि झारखंड की योजनाओं को प्राथमिकता दे. यह भविष्य का बजट है. झारखंड के विकास में विपक्ष भी सहयोग दे.

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युवाओं को रोजगार दिलाने में इच्छाशक्ति की कमीः नीरा यादव

वहीं विधायक नीरा यादव ने कहा कि राज्य में युवाओं का पलायन हो रहा है और युवतियों का शोषण भी हो रहा है. युवाओं को रोजगार दिलाने में सरकार की इच्छाशक्ति में कमी है.

उन्होंने कहा कि नौ साल से जेटेट की परीक्षा नहीं हुई है, जिससे पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार हैं. स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.

नीरा यादव ने कहा कि सरकारी खर्चों पर निगरानी नहीं हो रही है. कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहन पड़ाव की उचित व्यवस्था नहीं है. स्कूलों में ड्रॉप आउट की समस्या भी बढ़ रही है और बच्चियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.

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