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35-40 साल से हर बरसात डूबते हैं विस्थापित गांव, मुआवजा-मूलभूत सुविधा नहीं मिली
Saraikela: चांडिल अनुमंडल कार्यालय सभागार में शुक्रवार को चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन कमिटी की बैठक हुई. बैठक में चांडिल डैम में 180-181 मीटर तक पानी रखने और किसी भी विस्थापित परिवार को डूबने नहीं देने का निर्णय लिया गया. बैठक में ईचागढ़ विधायक सबिता महतो, सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना चांडिल के पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बिजली विभाग के सहायक अभियंता, चिकित्सा पदाधिकारी के अलावा विस्थापित और गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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एसडीओ ने विस्थापितों को दिया आश्वासन
चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी ने बैठक में कहा कि बरसात के दौरान चांडिल डैम में 180-181 मीटर पानी रखा जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि डैम से किसी भी विस्थापित परिवार को डूबने नहीं दिया जाएगा.
35 साल से जलमग्न हैं दर्जनों गांव
ज्ञात रहे कि पिछले 35-40 सालों से हर बरसात में चांडिल डैम के पानी से दर्जनों विस्थापित गांव जलमग्न हो जाते हैं. विस्थापितों को अब तक मुआवजा, नौकरी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं.
कंपनियों को पानी, विस्थापित पानी में
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चांडिल डैम का पानी भंडारण करके सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना द्वारा उद्योगपतियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों को सप्लाई किया जा रहा है. आरोप है कि विभिन्न कंपनियों का करोड़ों रुपया जलकर बकाया रहने के बाद भी उन्हें पानी दिया जा रहा है, जबकि बरसात में विस्थापित परिवार जलमग्न हो जाते हैं. बैठक में विस्थापितों ने मुआवजा, नौकरी और स्थायी समाधान की मांग रखी. विधायक सबिता महतो ने प्रशासन से विस्थापितों की समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा.

बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक में ईचागढ़ विधायक सबिता महतो, सुवर्णरेखा परियोजना पदाधिकारी, SDPO, BDO, CO, सहायक अभियंता, चिकित्सा पदाधिकारी और विस्थापित मौजूद थे.


