Gumla : चैनपुर प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है. दूर-दराज के गांवों से अपने जरूरी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को कार्यालय पहुंचने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है. ग्राम पंचायत बेंदोरा के मुखिया सुशील दीपक मिंज ने प्रखंड कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण बड़ी उम्मीद के साथ जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए ब्लॉक कार्यालय पहुंचते हैं. लेकिन कई बार प्रखंड विकास पदाधिकारी BDO और अंचलाधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण अन्य कर्मचारी भी कार्यालय में मौजूद नहीं रहते, जिससे लोगों का काम प्रभावित होता है.
अधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीण परेशान, कार्रवाई की मांग
मुखिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को प्रखंड कार्यालय तक पहुंचने में काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है. इसके बावजूद जब उन्हें संबंधित अधिकारी या कर्मचारी नहीं मिलते, तो उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ता है. इससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा अधिकारियों के रहने के लिए नए आवासीय क्वार्टर उपलब्ध कराए गए हैं. इसके बावजूद कई अधिकारी मुख्यालय में नियमित रूप से नहीं रहते और अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं. इससे सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों के निष्पादन पर भी असर पड़ रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि यदि अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में रहकर नियमित रूप से कार्यालय में कार्य करेंगे, तो ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर लोगों तक पहुंच सकेगा. ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए बिना ग्रामीण विकास की गति तेज नहीं हो सकती. अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है.



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