Ranchi: झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और दुमका के शिकारीपाड़ा की तत्कालीन अंचल अधिकारी अमृता कुमारी के खिलाफ राज्य सरकार ने हद कड़ा एक्शन लिया है. कर्तव्य में लापरवाही और माफियाओं के खिलाफ ढुलमुल रवैया अपनाने के गंभीर आरोपों के बाद सरकार ने उन पर असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धि पर रोक का दंड लगा दिया है. दुमका DC द्वारा गठित आरोप पत्र में तत्कालीन CO के खिलाफ बेहद चौंकाने वाले और गंभीर मामले सामने आए हैं.
आरोप मुक्त होने का दावा फेल
कार्रवाई के दौरान अमृता कुमारी ने अपनी दूसरी कारण पृच्छा के जवाब में दलील दी थी कि दुमका उपायुक्त ने उन्हें आरोपों से मुक्त करने की सिफारिश की थी. लेकिन जब राजस्व और कार्मिक विभाग ने फाइलों की समीक्षा की, तो पाया कि DC ने उन्हें कोई क्लीन चिट नहीं दी थी. DC की रिपोर्ट में साफ लिखा था कि नियमित जांच नहीं की गई और पर्यवेक्षण में भारी शिथिलता बरती गई. इसके बाद विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद झारखंड सरकारी सेवक नियमावली, 2016 के तहत उनके जवाब को खारिज करते हुए दो वेतन वृद्धि का दंड अधिरोपित किया गया.
क्या है आरोप
• जब्त ट्रक हुए फरार: प्रशासन द्वारा जब्त किए गए 58 ट्रकों में से 42 ट्रक सुरक्षा से भाग निकले. जिससे सरकार की छवि धूमिल हुई.
• अवैध बालू-पत्थर खनन: क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू उत्खनन की दैनिक रिपोर्ट नहीं भेजी गई और अवैध पत्थर खनन के दौरान एक मजदूर की मौत होने पर भी कोई स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया.
• बैक डेटिंग का खेल: सरकारी पत्रों में ‘बैक डेटिंग’ करने और जांच रिपोर्ट दबाने का आरोप प्रतिवेदित था.
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