Simdega: डायन-बिसाही के आरोप में एक वृद्धा की हत्या करने के मामले में सिमडेगा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. एडीजे निरंजन सिंह की अदालत ने पाकरटांड़ थाना कांड संख्या 16/2022 की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी विश्राम बिनझिया को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद के साथ ₹26 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. मामला पाकरटांड़ थाना क्षेत्र के रेंगारपानी बिनझिया गांव का है. जानकारी के अनुसार गांव निवासी विश्राम बिनझिया, नवां देवी की बेटी से शादी करना चाहता था. लेकिन पूर्व में जेल जा चुके विश्राम के कारण नवां देवी इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थीं. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था.
डायन बताकर लगाया आरोप
अभियोजन के अनुसार विश्राम अपनी शादी में हो रही देरी के लिए नवां देवी को जिम्मेदार मानता था और उन पर डायन-बिसाही का आरोप लगाता था. इसी कारण दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया. 29 जुलाई 2022 की रात करीब 9 बजे विश्राम बिनझिया कुल्हाड़ी लेकर नवां देवी के घर पहुंचा. बहस के दौरान उसने वृद्धा पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पाकरटांड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विश्राम बिनझिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी.
13 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक निशि कच्छप ने 13 गवाहों और अन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया. साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹26 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. अदालत के इस फैसले को डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अंधविश्वास के नाम पर किसी की जान लेने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा.
ALSO READ : एक भारत, श्रेष्ठ भारत का शंखनाद: राज्यपाल ने कहा- ‘झारखंड और पश्चिम बंगाल का है अटूट रिश्ता’


