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चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक

  रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक सोमवार को चैंबर भवन में...

 

रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक सोमवार को चैंबर भवन में आयोजित की गई. इस बैठक में 25 से अधिक महिला और युवा उद्यमियों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए. बैठक का मुख्य उद्देश्य कला, स्किल और हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाओं और युवाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना और उन्हें बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना था.बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य की महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास के लिए नियमित रूप से स्किल आधारित कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने हुनर को निखारने, नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

झारखंड की प्रतिभाएं देश और दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पहचान बना सकती हैं:

समिति का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो झारखंड की प्रतिभाएं देश और दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पहचान बना सकती हैं. चैंबर की कार्यकारिणी सदस्य और महिला उद्यमिता उप समिति की चेयरपर्सन आस्था किरण ने कहा कि झारखंड में कला, संस्कृति और हस्तशिल्प से जुड़े उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं. यहां पारंपरिक कला और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन इन प्रतिभाओं को उचित दिशा, मंच और बाजार की जरूरत है. चैंबर लंबे समय से इस दिशा में काम कर रहा है और कलाकारों तथा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करता रहा है.

पहचान दिलाने के लिए संगठित प्रयास बेहद जरूरी हैं: 

बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में इन आर्ट वर्ल्ड के संस्थापक प्रवीण कर्माकर, ह्यूमन राइट्स मिशन की वाइस प्रेसिडेंट सोहिनी राय, एक्सेल हॉलीडेज के सेल्स हेड मलय कुमार और फॉर्च्यून आर्ट गैलरी की ब्रांड एंबेसडर अर्चना श्रीवास्तव मौजूद थे. वक्ताओं ने कहा कि झारखंड साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है. यहां के कलाकारों और कारीगरों की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संगठित प्रयास बेहद जरूरी हैं.

बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने भी अपने सुझाव दिए:

बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने भी अपने सुझाव दिए और झारखंड की पारंपरिक कला, संस्कृति तथा हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया. इस अवसर पर आस्था किरण, रंजीत रंजन, सोहिनी राय, मलय कुमार, प्रवीण कर्माकर, शालिनी अखौरी, आंचल बर्मन, वंदना शर्मा, शालिनी सिंह, बरमाली चक्रवर्ती, सौम्या, श्वेता श्रीवास्तव, रूपकथा चक्रवर्ती और अर्चना श्रीवास्तव सहित कई उद्यमी उपस्थित थे.

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