Seraikela: शनिवार की शाम अचानक धुंधली आंधी के साथ उड़ती धूल ने चौका थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कोयला और आयरन प्लांटों से निकलने वाली डस्ट तेज हवा के साथ उड़कर घरों, दुकानों और सड़कों तक पहुंच गई. इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन की शिकायतें होने लगीं.
घर-दुकानों तक पहुंच रही धूल
ग्रामीणों ने बताया कि हर बार तेज हवा चलने पर प्लांटों की डस्ट उड़कर पूरे क्षेत्र में फैल जाती है. उनका कहना है कि दुकान की शटर बंद रहने के बावजूद अंदर धूल भर जाती है. कपड़े सुखाना मुश्किल हो जाता है और बच्चों में खांसी की समस्या बढ़ रही है.
खेती-किसानी पर भी पड़ रहा असर
स्थानीय किसानों के अनुसार डस्ट की परत पत्तों पर जमने से फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है. सब्जी और धान की फसलें धूल से ढक जा रही हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट प्रबंधन धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त उपाय नहीं कर रहे हैं और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी भी प्रभावी नहीं है.
ALSO READ: हार के सदमे में कांग्रेस बौखलाई, मलाई खुद खा रही और जनता को पिला रही ‘विष’ : आदित्य साहू
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्रवाई की मांग
लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि सभी कोयला और आयरन प्लांटों में वाटर स्प्रिंकलर, ग्रीन बेल्ट और डस्ट सप्रेशन सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू किए जाएं. साथ ही नियमित मॉनिटरिंग कर नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि आंधी-तूफान के दौरान लोगों को धूल और प्रदूषण की समस्या का सामना न करना पड़े.


