मेदिनीनगर: झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मणिकांत सिंह ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखकर NH-39 पर दुबियाखांड़ में स्थापित टोल प्लाजा को तत्काल हटाने की मांग की है. उन्होंने इस टोल प्लाजा की स्थापना को नियमों के विरुद्ध और जनता के साथ “रंगदारी” करार दिया है.

मणिकांत सिंह ने अपने पत्र में तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इस खंड पर भ्रष्टाचार और दमनकारी कार्यप्रणाली स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि टोल टैक्स के निर्धारण के समय तैयार सड़क के अनुपात के बजाय टोल ठेकेदारों के निजी हितों को प्राथमिकता दी गई है.
नियमों के उल्लंघन का आरोप…
पत्र के माध्यम से कांग्रेस यूथ प्रवक्ता मणिकांत सिंह ने NH Fee Rules 2008 का हवाला देते हुए बताया कि नियम संख्या 8 के अनुसार नगर निकाय की सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में टोल बूथ स्थापित नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद दुबियाखांड़ टोल बूथ नगर निकाय से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर बनाया गया है. उन्होंने इसे पूरी तरह अनैतिक और तानाशाहीपूर्ण रवैया बताया है.
यात्रियों पर आर्थिक बोझ डाला गया
युवा कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि यह टोल बूथ मेदिनीनगर से बेतला नेशनल पार्क और बरवाडीह आने-जाने वाले उन यात्रियों से वसूली के लिए बनाया गया है, जो इस मुख्य सड़क के महज दो किलोमीटर हिस्से का उपयोग करते हैं. उन्होंने इसे कर वसूली के बजाय आम जनता से की जा रही जबरन वसूली बताया है.
पलामू जिले के लोगों में इस टोल प्लाजा को लेकर गहरा आक्रोश है. मणिकांत सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि इस टोल नाके को तत्काल प्रभाव से नियमपूर्वक किसी अन्य स्थान पर नहीं हटाया गया, तो जनता का यह आक्रोश सड़क पर उतरेगा, जो अफसरशाही के खिलाफ एक करारा प्रहार होगा. उन्होंने आशा व्यक्त की है कि विभाग जनहित को ध्यान में रखते हुए लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखेगा.

