Jamtara: जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत सालगाड़ीह गांव में पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. लगातार बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक ओर भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली बाधित होने के बाद विभागीय मिस्त्री कुतुबुद्दीन अंसारी को कई बार फोन कर समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने न तो फोन का जवाब दिया और न ही गांव पहुंचकर बिजली व्यवस्था की जांच की. इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.
अधिकारियों से नहीं मिला जवाब
गांव के मुखिया मुनिलाल मरांडी सहित सुभाष महतो, बिनोद कुमार, रणजीत गुप्ता, मनोज, तूफानी महतो, योगेश कुमार साव, राजकुमार महतो समेत कई ग्रामीणों ने बताया, कि बिजली बहाल कराने के लिए विभाग के कई अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की उदासीनता के कारण उन्हें अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है.

तेज आंधी-पानी के कारण कई जगहों पर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त
मामले को लेकर कनिष्ठ अभियंता रफीक ने बताया, कि रविवार को आई तेज आंधी, बारिश और वज्रपात के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है. उन्होंने कहा कि यदि अभी तक संबंधित मिस्त्री गांव पहुंचकर मरम्मत कार्य नहीं कर पाया है, तो उसे तत्काल भेजा जाएगा, ताकि खराबी को दूर कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके.
गौरतलब है कि हाल ही में भगा बांध स्थित 132/33 केवी पावर ग्रिड को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए यह दावा किया गया था, कि बिजली कटौती की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी. लेकिन सालगाड़ीह गांव की वर्तमान स्थिति ने विभागीय दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों ने जल्द बिजली बहाल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
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