Ranchi: बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा की डिस्चार्ज पिटीशन याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जहां न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत ने अगली सुनवाई 30 जून मुक़र्रर की है. आपको बताते चले कि सीमा पात्रा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है. हालांकि इसे निचली अदालत में चुनौती दी भी गई थी, जहां याचिका खारिज हो गई. उसके बाद सीमा पात्रा ने हाई कोर्ट में शरण ली है. सीमा पात्रा पर घरेलू सहायिका पर शारीरिक प्रताड़ना करने का आरोप है.
सुनीता खाखा को बंधक बनाकर रखने का आरोप
आरोप के अनुसार सीमा पात्रा ने सुनीता खाखा को बंधक बना रखा था. उसे बेल्ट से पीटती थीं. उसके दांत और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी. शरीर को जगह-जगह जला दिया था. ऐसी हालत कर दी थी कि सुनीता को घिसट-घिसट कर चलने पर मजबूर होना पड़ा था. यही नहीं! जब कमजोर हो चुकीं सुनीता फर्श पर टॉयलेट कर देतीं तो सीमा पात्रा उसे चटवाती थीं, जहां पुलिस के द्वारा सीमा पात्रा पर IPC की धारा 323, 325, 346, 374 के अलावा SC, ST Act के तहत 3(1)(a)(h) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले में सीमा पात्रा की 31 अगस्त 2022 को न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था जहां 10 नवम्बर 2022 को ST SC की अदालत से जमानत मिली थी.



