Ranchi : धनबाद रिंग रोड घोटाला में शामिल जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक समेत 17 आरोपियों की बल पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई न्यायाधीश राजेश शंकर की कोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में जानना चाहा कि क्या इसमें कोई पीड़ित है यदि है तो क्या उसे प्रतिवादी बनाया गया है. अगर नहीं तो उसे नोटिस जारी किया जाए. इधर जमानत पर बहस जारी रहेगी. बुधवार को फिर इस पर सुनवाई होगी. बताते चलें कि 9 जनवरी 2026 को धनबाद रिंग रोड के लिए हुए भूमि अधिग्रहण में सामने आए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया था. देर रात से सुबह तक चली इस कार्रवाई के लिए ACB ने लगभग 10 विशेष टीमों का गठन किया था. जिन्होंने एक साथ विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर घोटाले में शामिल अधिकारियों और बिचौलियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए आरोपितों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी और मुआवजा वितरण में संलिप्त बिचौलिये शामिल हैं.
मुआवजा राशि में की गयी हेरफेर
आरोप है कि इन लोगों ने रैयतों को मिलने वाली मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर सरकारी धन का अवैध रूप से बंदरबांट किया. गिरफ्तार किए गए प्रमुख लोगों में पूर्व अंचल अधिकारी एवं झारखंड लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रण विशाल कुमार समेत उदयकांत पाठक, तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार, सोमेश्वर शर्मा, अनुपमा कुमारी, शंकर प्रसाद दुबे, आलोक बरियार उर्फ जैकी लाल, सुशील प्रसाद, रविंद्र कुमार, कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर कुमारी, दिलीप गोप, बप्पी राय चौधरी उर्फ गोपी राय चौधरी, रामकृपाल गोस्वामी, अशोक कुमार महतो, उमेश महतो, अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिंह और काली प्रसाद सिंह शामिल हैं. इसके अलावा एक अधिवक्ता सुशील कुमार की भी गिरफ्तारी हुई. गिरफ्तारी के बाद सभी जेल में है. इधर क्रिमिनल अपील तमाम आरोपियों के याचिकाओं को टैग करके एक साथ सुनवाई कर रही है.

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