News Desk:बिहार के बांका जिले में महिलाओं के लिए एक अच्छी पहल शुरू हुई है.जीविका से जुड़ी दीदियों को अब जरूरत पड़ने पर सस्ता और आसान लोन मिल पाएगा.इस नई व्यवस्था से महिलाओं को ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने की मजबूरी से राहत मिलेगी.


पहले कई बार ऐसा होता था कि अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर महिलाएं निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों या गैर-बैंकिंग संस्थानों से ज्यादा ब्याज पर कर्ज ले लेती थीं.बाद में जब वसूली का दबाव बढ़ता था तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था. इसी समस्या को देखते हुए बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ बनाया गया है,ताकि जीविका दीदियों को सुरक्षित और कम ब्याज पर लोन मिल सके.
दफ्तर जाने की जरूरत नहीं
जिले के डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि अब लोन लेने के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.जीविका दीदियां मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी.आवेदन करने के करीब एक सप्ताह के अंदर लोन की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी.आवेदन से लेकर किस्त जमा करने तक की पूरी प्रोसेस मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से होगी.
इससे व्यवस्था में साफ-सफाई और पारदर्शिता बनी रहेगी,साथ ही किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी.यह कदम जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है.
जरूरत के अनुसार मिलेंगे तीन तरह के लोन:
जीविका से जुड़ी महिलाएं अपनी जरूरत और काम के अनुसार अलग-अलग कैटिगरी में लोन ले पाएंगी. योजना के तहत तीन प्रकार के लोन की सुविधा दी गई है:
1.शॉर्ट टर्म लोन
- अधिकतम राशि: 15 हजार रुपये तक
- भुगतान अवधि: 12 महीने के अंदर
2.माइक्रो लोन
- राशि: 15 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक
- भुगतान अवधि: 24 महीने
3.स्मॉल लोन
- राशि: 75 हजार से 2 लाख रुपये तक
- भुगतान अवधि: 36 महीने
इस योजना की मदद से महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान, पशुपालन, खेती से जुड़े छोटे काम या अन्य स्वरोजगार आसानी से शुरू कर सकती हैं. इससे गांव की महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने का मौका मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी.

