Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने साफ कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है. यदि किसी विदेशी नागरिक ने कानूनी या अवैध रूप से राज्य में रहते हुए झूठी घोषणा देकर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
बीएलए-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बुधवार को संथाल परगना दौरे के दौरान साहेबगंज के सीमावर्ती बरहरवा और गोड्डा के सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल सुंदर पहाड़ी प्रखंड में आयोजित बीएलए-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में अहम प्रक्रिया है, लेकिन इसमें केवल वही लोग शामिल होंगे जो भारतीय नागरिक होने की पात्रता पूरी करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन में एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और रिफ्यूज टू साइन श्रेणी के मतदाताओं को शामिल नहीं किया जाएगा. खासकर रिफ्यूज टू साइन श्रेणी के तहत दो तरह के मामलों पर नजर रखी जाएगी. पहला, वे लोग जो पहले भारतीय मतदाता सूची में दर्ज थे लेकिन अब दूसरे देश की नागरिकता ले चुके हैं और फिर भी उनका नाम भारतीय मतदाता सूची में बना हुआ है. दूसरा, वे विदेशी नागरिक जिन्होंने प्रपत्र-6 में झूठी घोषणा देकर मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण करा लिया है.

विदेशी नागरिक भारत में मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र नहीं हैं
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक विदेशी नागरिक भारत में मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म पर गलत घोषणा कर हस्ताक्षर करना दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखंड में रह रहे ऐसे विदेशी नागरिक, जो मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र नहीं हैं, उनसे अपेक्षा है कि वे इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर न करें और उसे बिना हस्ताक्षर के बीएलओ को लौटा दें. इसके बाद बीएलओ फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर फॉर्म में कारण दर्ज करते हुए अपना निष्कर्ष लिखेंगे.
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में बीएलए-2 की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में बीएलए-2 की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2, बीएलओ स्तर पर तैयार हो रही मतदाता सूची की समकालीन जांच और निगरानी में सहयोग करेंगे. जो इन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त नहीं हो पाएंगे, उन्हें एएसडीडी (Absent, Shifted, Duplicate, Death) सूची में शामिल किया जाएगा. इस सूची को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक में रखा जाएगा, बैठक की कार्यवाही दर्ज होगी और उसकी तस्वीर के साथ रिपोर्ट ईसीआईनेट पर अपलोड की जाएगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एएसडीडी सूची सभी मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी निकाय कार्यालयों में प्रकाशित की जाएगी. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के समय 5 अगस्त 2026 को इसकी एक प्रति सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा यह सूची जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में भी उपलब्ध रहेगी.
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