Palamu: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, झारखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरेश्वर सिंह ने रामपुर प्रकरण के आरोपी मंटू सिंह के साथ पुलिस रिमांड के दौरान कथित मारपीट एवं अमानवीय व्यवहार से संबंधित आ रही मीडिया रिपोर्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यदि मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि हुई है तथा न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया है, तो निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी DSP को जांच पूरी होने तक लाइन हाजिर किया जाना चाहिए. इससे जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि सरकार और प्रशासन निष्पक्ष जांच के प्रति गंभीर हैं तथा किसी भी अधिकारी को जांच से ऊपर नहीं माना जाता. उन्होंने कहा कि कानून के शासन में किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल न्यायालय को है. यदि किसी व्यक्ति के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार हुआ है तो इसकी स्वतंत्र जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है.

CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट को सुरक्षित रखा जाए
ज्योतिरेश्वर सिंह ने झारखंड सरकार, पुलिस मुख्यालय एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि एक भाजपा कार्यकर्ता होने के नाते वे अपने स्थानीय विधायक, सांसद एवं पार्टी नेतृत्व से भी अपेक्षा करते हैं कि न्याय, सुशासन और जवाबदेही के भाजपा के मूल सिद्धांतों के अनुरूप इस मामले में अपनी स्पष्ट भूमिका जनता के समक्ष रखे. उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है. न्याय और सत्य के पक्ष में समय पर उठाई गई आवाज ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है. इसलिए इस मामले में निष्पक्षता केवल होनी ही नहीं चाहिए, बल्कि जनता को दिखाई भी देनी चाहिए.
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