झारखंड में 1.24 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव, 45 हजार रोजगार सृजन की संभावना: संजय प्रसाद यादव

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 10वें दिन उद्योग और श्रम विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान...

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 10वें दिन उद्योग और श्रम विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव आए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

1.24 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के जरिए राज्य को कुल एक लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है. इस निवेश से राज्य में 45 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है.

उद्योग नीतियों से निवेश बढ़ने की उम्मीद

उन्होंने बताया कि राज्य की औद्योगिक नीतियों के कारण करीब 20 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की संभावना है. इससे लगभग 15 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

15 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव

मंत्री ने कहा कि राज्य में 15 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इन इकाइयों के जरिए करीब 29 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे लगभग 19 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना है.

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भाजपा पर साधा निशाना

संजय प्रसाद यादव ने चर्चा के दौरान भाजपा पर भी तंज कसते हुए कहा कि 17 वर्षों तक भाजपा ने नकारात्मक राजनीति की. उन्होंने आरोप लगाया कि फासीवादी ताकतें वोट की राजनीति करती हैं और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटने के लिए मजबूर किया गया.

80 बाल श्रमिकों को कराया गया मुक्त

मंत्री ने बताया कि राज्य में अभियान चलाकर 80 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. इनमें से 22 बच्चों का स्कूलों में नामांकन करा दिया गया है, जबकि बाकी के नामांकन की प्रक्रिया जारी है.

प्रवासी मजदूरों के लिए सहायता

उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में मौत के शिकार हुए 273 प्रवासी श्रमिकों के परिजनों को 2 करोड़ 85 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है. वहीं 219 प्रवासी मजदूरों के शव को उनके पैतृक निवास तक लाने के लिए 1 करोड़ 6 लाख 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई.

विदेश में मौत पर भी मिलेगी मदद

मंत्री ने बताया कि विदेश में काम कर रहे छह मजदूरों की मौत होने पर उनके परिवारों को 30 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है. साथ ही झारखंड राज्य प्रवासी सुलभ योजना के तहत राज्य मुख्यालय में प्रवासी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे और पांच अन्य राज्यों में भी ऐसे नियंत्रण कक्ष खोले जाएंगे.

शव लाने का खर्च उठाएगी सरकार

उन्होंने कहा कि विदेश में किसी प्रवासी मजदूर की मौत होने पर उसके शव को भारत लाने के लिए रेल या हवाई यात्रा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.

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