Ranchi : झारखंड के सरकारी विभागों में लेटलतीफी के दिन अब हवा हो चुके हैं. राज्य का प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह एक्शन मोड में है. आज यानी गुरुवार को राज्यभर के विभिन्न विभागों में 1,28,748 सक्रिय कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवा दे रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों का औसत ‘इन टाइम’ (आगमन का समय) सुबह 10:20 बजे दर्ज किया गया है. जो यह साबित करता है कि सरकारी दफ्तरों में अब समय की पाबंदी को लेकर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है.
ऑन द स्पॉट अटेंडेंस : 41 हजार से ज्यादा कर्मचारी सीधे ‘इन ऑफिस’
रियल-टाइम डेटा के मुताबिक, वर्तमान में 41,454 कर्मचारी सीधे ऑफिस में मौजूद हैं और अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए राज्यभर में 2,854 एक्टिव डिवाइसेज (बायोमेट्रिक मशीनें) काम कर रही हैं. डिजिटल गवर्नेंस की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस सिस्टम का औसत रिस्पॉन्स टाइम महज 3.75 सेकंड है, यानी बिना किसी तकनीकी बाधा के कर्मचारियों की हाजिरी तुरंत दर्ज हो रही है.

शाम 4 : 49 बजे तक का कड़ा पहरा ; सुधर रही है काम की रफ्तार
सिर्फ सुबह समय पर आना ही नहीं, बल्कि दफ्तर में टिक कर काम करने की प्रवृत्ति भी बढ़ी है. आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारियों का औसत ‘आउट टाइम’ (प्रस्थान का समय) शाम 4:49 बजे दर्ज किया गया है. झारखंड सरकार का यह डिजिटल हंटर ब्यूरोक्रेसी और वर्क कल्चर को पूरी तरह से अनुशासित बना रहा है. तकनीक के इस सटीक इस्तेमाल से न सिर्फ फाइलों के आगे बढ़ने की रफ्तार तेज हुई है, बल्कि आम जनता को भी अब अपने कामों के लिए दफ्तरों में बाबुओं का इंतजार नहीं करना पड़ रहा है.
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