Ranchi: झारखंड के बोकारो जिले में पुलिस विभाग के वेतन मद से करीब 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी और डिजिटल धोखाधड़ी के घोटाले की जांच में सीआईडी की जांच में कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं. अब तक की जांच के मुताबिक, इस मामले में आरोपी बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट्स सेक्शन में कार्यरत कर्मी अशोक कुमार भंडारी ने बोकारो ट्रेजरी से 20 महीनों में एक सब-इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के वेतन मद में 3.15 करोड़ रुपये की निकासी की.
ट्रेजरी ऑफिस के रिकॉर्ड की जांच में यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, मई 2024 से लेकर मार्च 2026 तक (कुल 20 महीने) पुलिस सब-इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के नाम पर एसबीआई बैंक की चास शाखा के खाता संख्या 42945898462 में वेतन मद से लगातार भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की जा रही थी. जब ट्रेजरी विभाग ने इस संदिग्ध खाते के संबंध में लिखित रूप में जानकारी मांगी, तो जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया. यह खाता सब-इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह का था ही नहीं, बल्कि यह अकाउंट कौशल पांडेय की पत्नी अन्नू पांडेय का है.

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किसके खाते से, किसको और कब ट्रांसफर हुआ पैसा?
सब-इंस्पेक्टर कौशल पांडेय के नाम पर अन्नू पांडेय के खाते में जो सरकारी राशि आती थी, उसका एक बड़ा हिस्सा कौशल कुमार पांडेय के बैंक खाता संख्या 0033137178417 में ट्रांसफर कर दिया जाता था. इसके बाद इस घोटाले की रकम को आगे खपाया जाता था. कौशल कुमार पांडेय के खाते से कुल 42 लाख रुपये की बड़ी रकम सह-आरोपी अशोक कुमार भंडारी के दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी. यह पैसा अशोक भंडारी के खाता संख्या 10048586189, 33888406018 और 888406018 में जाता था.


