Palamu : जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के सैफई (इटावा) की रहने वाली और एक नामी बहुराष्ट्रीय कंपनी (अमेजन) में कार्यरत युवती ने पलामू के एक युवक पर अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर, शादी का झांसा देने और ब्लैकमेल कर शारीरिक व मानसिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता ने शुक्रवार की सुबह करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाने में शरण ली और पुलिस से सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई.
यह भी पढ़ें: झारखंड में मॉनसून का ‘सूखा’ बरसने के बजाय तरसा रहे बादल, 24 में से 23 जिलों में बारिश की भारी कमी

इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी दोस्ती, ‘राजा’ बनकर दिया धोखा
पीड़ित युवती के अनुसार, करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के कररिया गांव निवासी एक युवक से उसकी बातचीत शुरू हुई थी. युवक ने खुद को ‘राजा’ बताया था और अपनी पहचान एक राजपूत युवक के रूप में पेश की थी. धीरे-धीरे युवक ने युवती को अपने जाल में फंसा लिया. आरोप है कि शादी का झांसा देकर उसने लंबे समय तक युवती का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया. इस दौरान आरोपी ने युवती के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी बना लीं.
वीडियो के दम पर ब्लैकमेलिंग और मारपीट का आरोप
युवती का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद जब उसने दूरी बनानी चाही, तो आरोपी युवक उसे उन आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों के दम पर इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा. इस बीच, जब युवती के परिजनों को इस बात की भनक लगी कि उनकी बेटी किसी अन्य समुदाय के लड़के के जाल में फंस चुकी है, तो पिता ने समाज और लोक-लाज के डर से उसके घर आने पर पाबंदी लगा दी. पूरी तरह टूट चुकी युवती अपने वीडियो और तस्वीरें वापस मांगने के लिए गुरुवार की शाम को आरोपी के गांव कररिया पहुंची. युवती का आरोप है कि आरोपी और उसके घरवालों ने उसे रात भर घर के बाहर भूखा-प्यासा रखा. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. आरोपी ने उसका मोबाइल और लैपटॉप भी छीन लिया. पीड़िता ने कहा कि आरोपी अब मुझसे कह रहा है कि वह हिंदू लड़कियों का इस्तेमाल कर उन्हें उनके हाल पर छोड़ देता है. उसने मेरी मांग भी भर दी थी, लेकिन जब मैं सच्चाई जानने उसके गांव पहुंची, तो पता चला कि वह दूसरे समुदाय से है और उसका पूरा इलाका विशेष समुदाय बहुल है.
यह भी पढ़ें: अन्नदाता की समृद्धि ही कृषि अनुसंधान की असली सफलता, प्रयोगशाला की तकनीक खेत की मेड़ तक पहुंचना जरूरीः राज्यपाल
6 किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची पीड़िता, यूपी पुलिस का दिया हवाला
रात भर प्रताड़ना झेलने के बाद, शुक्रवार सुबह युवती किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकली और करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाना पहुंची. पीड़िता ने पलामू पुलिस पर भरोसा जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाओं पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाती है, जिससे आरोपियों की पुश्तें याद रखती है. उसे उम्मीद है कि झारखंड पुलिस भी उसे न्याय दिलाएगी, उसका छीना गया सामान वापस कराएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहम्मदगंज थाना पुलिस ने युवती की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है.


