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नक्सलवाद से भी बड़ा खतरा बना ड्रग्स: झारखंड में स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करेगी एनटीएफ, 3 साल का रोडमैप तैयार करने का निर्देश

– गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक संपन्न, झारखंड के डीजीपी समेत कई आला अधिकारी...

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक संपन्न, झारखंड के डीजीपी समेत कई आला अधिकारी रहे मौजूद

Ranchi: नार्को कोऑडिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक शुक्रवार को नयी दिल्ली में आयोजित की गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में देश और राज्यों में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. बैठक में झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदशा मिश्र, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एटीएफ) के चीफ अशीम विक्रांत मिंज, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डॉयरेक्टर आकाश सिंगला और सहायक निदेशक राणा प्रताप यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. इसमे निर्देश दिया गया कि नक्सल फ्रंट से ज्यादा अब ड्रग्स तस्करी पर फोकस करे. बैठक के दौरान स्पष्ट किया गया कि जिस तरह पुलिस ने बहादुरी और मुस्तैदी से काम करके नक्सलवाद पर नियंत्रण पाया है, अब ठीक उसी तर्ज पर ड्रग्स तस्करी और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए काम करना होगा. गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य पुलिस अब नक्सल मोर्चे से भी अधिक फोकस ड्रग्स पर नियंत्रण करने के लिए लगाए.

स्वतंत्र इकाई बनेगी झारखंड एनटीएफ, होगा पुनर्गठन:

झारखंड में नार्को नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया गया है. एनटीएफ अब एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करेगी. बल को मजबूत करने के लिए इसमें मानव संसाधन (पुलिस बल) को बढ़ाया जाएगा. पूरी टास्क फोर्स का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा.

आगामी 3 वर्षों का बनेगा ‘मास्टर रोडमैप’:

ड्रग्स के काले कारोबार को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने और आने वाली पीढ़ी को इसके दलदल से बचाने के लिए अगले तीन वर्षों का एक कड़ा रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है. सीबीआइ और इडी की ली जाएगी मदद.
ड्रग्स माफियाओं की रीढ़ तोड़ने के लिए जांच का दायरा केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा. बड़े मामलों में ड्रग कॉर्टेल की फाइनेंसिंग और अवैध कमाई की जांच प्रवर्तन निदेशालय के सहयोग से की जाएगी. जो ड्रग्स तस्कर भारत से भागकर विदेश जा चुके हैं, उन पर शिकंजा कसने और उन्हें वापस लाने के लिए सीबीआई की मदद ली जाएगी.

झारखंड पुलिस ने प्रस्तुत किया ब्योरा:

बैठक के दौरान झारखंड पुलिस की ओर से राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे भी इस अभियान को और तेज किया जाएगा.

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