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जमशेदपुर : 108 कलश जल से हुआ भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक, 15 जुलाई को होगा नेत्रोत्सव

Jamshedpur: बेल्डीह स्थित नागा मंदिर में मां वैष्णो देवी ट्रस्ट (Maa Vaishno Devi Trust) के तत्वावधान में सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के...

जमशेदपुर : बेल्डीह नागा मंदिर में धूमधाम से मना भगवान जगन्नाथ का स्नान महोत्सव
जमशेदपुर : बेल्डीह नागा मंदिर में धूमधाम से मना भगवान जगन्नाथ का स्नान महोत्सव

Jamshedpur: बेल्डीह स्थित नागा मंदिर में मां वैष्णो देवी ट्रस्ट (Maa Vaishno Devi Trust) के तत्वावधान में सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का स्नान महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. स्नान के बाद परंपरा के अनुसार मंदिर के पट 15 दिनों के लिए बंद कर दिए गए.

पंचामृत और 108 कलश जल से स्नान

सुबह सबसे पहले महाप्रभु को उनकी बेदी से स्नान बेदी पर लाया गया. इसके बाद पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शक्कर और मधु से स्नान कराया गया. फिर मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन कुएं से 108 कलश जल लाकर विधि-विधान के साथ स्नान संपन्न कराया गया.

गायत्री पीठ के नेतृत्व में संपन्न हुआ अनुष्ठान

स्नान उत्सव गायत्री पीठ (Gayatri Peeth) के डॉ. बी.के. सिंह (Dr. B.K. Singh) के नेतृत्व में जमशेदपुर गायत्री पीठ की बहनों द्वारा संपन्न कराया गया. स्नान के बाद मंगल आरती, महाप्रसाद का भोग और सामूहिक हवन किया गया. बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

15 दिनों तक नहीं होंगे दर्शन

मान्यता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा को स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं. इसलिए आज से 15 दिनों तक यानी आषाढ़ अमावस्या तक महाप्रभु के दर्शन वर्जित रहेंगे. इस दौरान उन्हें औषधि के रूप में तुलसी और काढ़ा दिया जाता है. इस अवधि को अनसर काल (Anasara Kal) कहा जाता है.

15 जुलाई को होगा नेत्रोत्सव

15 दिनों के विश्राम के बाद 15 जुलाई 2026, बुधवार को नेत्रोत्सव (Netrotsav) यानी नवजौबन दर्शन होगा. इसी दिन महाप्रभु भक्तों को पुनः दिव्य दर्शन देंगे. यह उत्सव जगन्नाथ रथ यात्रा से ठीक एक दिन पहले पड़ता है.

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रथ यात्रा की तैयारियां शुरू

नेत्रोत्सव के अगले दिन गुरुवार, 16 जुलाई को तीनों विग्रहों को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर मंदिर की पांच बार परिक्रमा कराई जाएगी. उसी रात भगवान को बेल्डीह तुलसी मंदिर स्थित मौसी बाड़ी ले जाया जाएगा. वापसी यात्रा यानी घूरती रथ (Bahuda Yatra) आठ दिन बाद शुक्रवार, 24 जुलाई को निकलेगी.

पुरी की परंपरा का होता है पालन

पुरीधाम (Puri Dham) की तर्ज पर जमशेदपुर के बेल्डीह नागा मंदिर में भी भगवान जगन्नाथ की सभी परंपराएं विधि-विधान के साथ निभाई जाती हैं. स्नान महोत्सव के साथ ही यहां रथ यात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.

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