Giridih: गिरिडीह के मधुबन में भाकपा माले के 14वें जिला सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला. फुटबॉल मैदान से निकली विशाल रैली मधुबन बाजार होते हुए मध्यलोक भवन पहुंची, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सम्मेलन में करीब चार हजार कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक शामिल हुए. सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि गिरिडीह लाल झंडे का मजबूत गढ़ रहा है और इसे और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि गरीब, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी. उन्होंने भाजपा पर पूंजीपतियों के हित में काम करने का आरोप भी लगाया.
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भाजपा की नीतियों के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने की जरूरत
वहीं निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि लाल झंडे को दबाने के प्रयास लगातार हुए, लेकिन आंदोलन और मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि मासस के भाकपा माले में विलय के बाद संगठन को नई दिशा मिली है और जिले में असंगठित मजदूरों के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है. सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने मजदूर, किसान, छात्र और नौजवानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया. वहीं महिला नेत्री जयंती चौधरी ने महिलाओं के संगठन एप्वा को पूरे झारखंड में और मजबूत करने पर जोर दिया. पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो ने कहा कि किसान, मजदूर और वंचित वर्ग को संगठित होकर संघर्ष तेज करना होगा. पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकपा माले की आवाज को मजबूत बताया, जबकि पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनता की लड़ाई को और तेज करने की जरूरत है.
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मौके पर पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, राज्य कमेटी सदस्य मनोज भक्त, इंकलाबी नौजवान सभा के महासचिव नीरज सिंह सहित पार्टी के राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. सम्मेलन की अध्यक्षता अजीत राय ने की, जबकि मंच संचालन अशोक पासवान ने किया. इस अवसर पर परमेश्वर महतो, सीताराम सिंह, पूनम महतो, शेखर सुमन, उस्मान अंसारी, कन्हाई पांडेय, रामू बैठा, राजेश सिन्हा, मुन्ना राणा, सोनू पांडेय, रामलाल मुर्मू, पूरन महतो, पवन महतो, कौशल्या दास, मीना दास, भोला मंडल, नागेश्वर महतो, मुस्तकीम अंसारी, लालमणि यादव, रामेश्वर चौधरी, धानेश्वर पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.


