Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तहत नवनियुक्त 1,042 इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति-पत्र सौंपा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को न सिर्फ उनके दायित्वों का बोध कराया, बल्कि राज्य में एक सशक्त और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया.
व्यवस्था को मजबूत करने की नसीहत
सरकारी शिक्षा प्रणाली पर उठने वाले सवालों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम अपनी व्यवस्था को कमजोर करते हैं, तभी निजी संस्थान हावी होते हैं. उन्होंने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों’ का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि विद्यालयों से ऐसी कोई भी नकारात्मक खबर आती है, तो सरकार सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी.

ज्ञान ही बदलाव का मूल आधार
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है, जो इंसान को अन्य जीवों से अलग करती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपनी बौद्धिक संपदा का उपयोग समाज को नई दिशा देने में करें. सीएम ने कहा कि बदलाव का मूल कारण ज्ञान है. हम सभी को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करना होगा, ताकि राज्य में एक भयमुक्त वातावरण और सम्मानजनक व्यवस्था कायम हो सके.
विभाजनकारी ताकतों से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग स्वार्थ सिद्धि के लिए समाज में वैमनस्य फैला रहे हैं. शिक्षकों को एकता का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा, लकड़ियों की गठरी की तरह आप भी एकजुट रहें. यदि आपमें आपसी द्वेष पनपेगा, तो इसका नुकसान सबसे पहले आपको होगा.
विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य
राज्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को अब तक ‘चरागाह’ की तरह इस्तेमाल किया गया है, लेकिन अब समय बदल रहा है. उन्होंने राज्य के विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में निपुण बनाने पर जोर दिया. शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षित करें, क्योंकि जिस राज्य की शिक्षा मजबूत होती है. वही राज्य विकास की दौड़ में आगे रहता है.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों में अपनी सरकार द्वारा की गई हजारों नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए विश्वास दिलाया कि झारखंड का भविष्य अब युवा शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में और अधिक उज्ज्वल होगा.
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