Ranchi : भाजपा ने मंगलवार को राज्यभर में हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हो, चांद-भैरव और फूलो-झानो का बलिदान दिवस शौर्य और संकल्प के साथ मनाया. राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित सिदो कान्हू पार्क, भाजपा प्रदेश कार्यालय और पाकुड़ सहित राज्य के सभी मंडलों में पार्टी नेताओं ने अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा समेत कई दिग्गज नेताओं ने झारखंड की मौजूदा सरकार पर निशाना साधा.
आदिवासियों को डरा रही सरकार
भोगनाडीह में प्रशासन की कड़ी पाबंदियों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार के रवैए को तानाशाही और अंग्रेजी मानसिकता करार दिया. उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि क्या अब आदिवासियों को अपने ही पूर्वजों को नमन करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी और बांड भरना पड़ेगा. भोगनाडीह को पुलिस छावनी में तब्दील कर 50 से अधिक मजिस्ट्रेट तैनात करना, आदिवासियों को डराने की साजिश है. अत्यधिक अहंकार ही पतन का कारण बनता है. वर्तमान हालात को देखकर लगता है कि झारखंड में अब एक और हूल क्रांति की जरूरत है.

जल-जंगल-जमीन की लूट और घुसपैठियों को संरक्षण दे रही अबुआ सरकार
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1855 में जिन महानायकों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वाभिमान का बिगुल फूंका था, आज उनकी ही धरती पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को अबुआ सरकार कहने वाली यह सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है और आदिवासियों की उपजाऊ जमीनों को जबरन लूट रही है. रिम्स-2 के नाम पर जमीन अधिग्रहण का प्रयास सरकार की दमनकारी नीति का सबूत है.
शहीदों के सम्मान में एकजुट हुई भाजपा
श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की श्रृंखला में पाकुड़ के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह पावन तारीख हमें मिट्टी की रक्षा के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देती है. रांची में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, दीपक प्रकाश, नवीन जायसवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अमर सपूतों के राष्ट्रभाव और अद्वितीय त्याग को याद किया. भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे.


