मोबाइल रिचार्ज पर संसद में उठी आवाज, राघव चड्ढा बोले – 28 दिन नहीं, पूरे महीने का हो प्लान

News Desk: लगातार जनता के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने वाले आप सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर संसद में मोबाइल...

News Desk: लगातार जनता के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने वाले आप सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर संसद में मोबाइल फोन यूजर्स से जुड़ी अहम समस्याओं को उठाया. उन्होंने प्रीपेड मोबाइल यूजर्स से जुड़े दो बड़े मुद्दों पर सरकार और टेलीकॉम कंपनियों का ध्यान खींचा.

पहली बड़ी आम लोगों की समस्या 

पहला मुद्दा रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल के साथ इनकमिंग कॉल भी बंद हो जाने का है. दूसरा मुद्दा 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को खत्म कर उसे पूरे एक महीने यानी 30 या 31 दिन का करने का है.

संसद में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि आज उन्होंने सदन में देश के उन करोड़ों मोबाइल यूजर्स का मुद्दा उठाया, जो प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाते हैं. उन्होंने कहा कि जब रिचार्ज की वैधता खत्म हो जाती है तो आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद हो जाना बिल्कुल सही नहीं है. यह टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है, जिस पर लगाम लगाने की जरूरत है.

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन से लगभग हर जरूरी चीज जुड़ी हुई है, जैसे आधार कार्ड, यूपीआई, बैंक ओटीपी और अन्य सेवाएं. लेकिन कई बार लोग रिचार्ज कराना भूल जाते हैं, जिसकी वजह से इनकमिंग कॉल और SMS भी बंद हो जाते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए.

राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने सदन में फ्री आउटगोइंग कॉल या फ्री डेटा की मांग नहीं की है. उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए, ताकि देश की जनता का राइट टू कम्युनिकेशन प्रभावित न हो.

दूसरा मुद्दा क्या हैं जाने

दूसरे मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रीपेड रिचार्ज को लेकर लोगों की बड़ी शिकायत 28 दिन वाले प्लान को लेकर है. कैलेंडर के हिसाब से महीना 30 या 31 दिन का होता है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन का प्लान देती हैं.

उन्होंने कहा कि इसकी वजह से यूजर्स को साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है. यह एक तरह की स्मार्ट रणनीति है, जिसके जरिए कंपनियां लोगों से एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाती हैं. यह बिल्कुल सही नहीं है और इसे बंद किया जाना चाहिए.

सांसद ने उदाहरण देकर समझाया 

सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में हर जगह बिलिंग साइकल महीने के हिसाब से होती है. सैलरी, बैंक EMI, मकान का किराया और अन्य भुगतान भी कैलेंडर महीने के अनुसार होते हैं. इसलिए मोबाइल रिचार्ज प्लान भी 30 या 31 दिन के हिसाब से होने चाहिए.

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