Ranchi : झारखंड में मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है. मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए लो-प्रेशर सिस्टम के असर से राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल रहा है.
भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
राज्य में अगले सात दिनों तक बादल छाए रहने और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, रांची, खूंटी, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, दुमका, देवघर और जामताड़ा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 5 जुलाई को भी लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी और दक्षिणी झारखंड के जिलों में भारी बारिश के आसार हैं. इस दौरान पूरे राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना है. जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

तापमान में गिरावट और पिछले 24 घंटों का हाल
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है. पिछले 24 घंटों की बात करें तो राज्य के बहरागोड़ा (पश्चिमी सिंहभूम) में सर्वाधिक 84.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं, सबसे अधिक उच्चतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया. प्रमुख शहरों के तापमान पर नजर डालें तो रांची में 28.4 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 32.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो थर्मल में 34.1 डिग्री सेल्सियस, चाईबासा में 29.8 डिग्री सेल्सियस और पाकुड़ में 35.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा.
रांची का मौसम पूर्वानुमान
राजधानी रांची और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा. अगले सात दिनों तक आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होती रहेगी. रांची का अधिकतम तापमान इस दौरान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा. मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है. कृषि कार्य के लिए यह समय अनुकूल है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.


