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लेबर कोड में श्रमिकों का हित सुनिश्चित हो: सीटू
Koderma: केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं स्वतंत्र फेडरेशन के संयुक्त मंच, झारखंड के आह्वान पर बुधवार को श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया. सीटू के बैनर तले हुए प्रदर्शन में झारखंड के श्रम मंत्री और श्रम सचिव से मांग की गयी कि लेबर कोड में श्रमिकों की हितों की रक्षा हो. इस सबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया. राज्य में लागू किए जाने वाले लेबर कोड के नियमों में श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई है. प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि मजदूर संगठनों के लगातार विरोध के बावजूद केन्द्र सरकार ने मालिक पक्षीय मजदूर विरोधी लेबर कोड की अधिसूचना नवंबर 2025 में जारी दी. इसके बाद से सीटू और अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियन लगातार विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से श्रमिक हितों की रक्षा के लिए उठा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए लेबर कोड मजदूर विरोधी है. इसके खिलाफ मजदूर वर्ग का संघर्ष जारी रहेगा.
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मजूदरों के हितों को संरक्षित करने की मांग
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि लेबर कोड के नियम बनाने से पूहले सभी ट्रेड यूनियनों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया जाए. मजदूरों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाए. वहीं सीटू के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने राज्य सरकार को आगाह किया कि ट्रेड यूनियनों से संवाद किए बिना मोदी सरकार के नक्शेकदम पर चलकर श्रमिक विरोधी नियम बनाना स्वीकार्य नहीं होगा. इसके खिलाफ हर मोर्चे पर सीटू संघर्ष करेगा. प्रदर्शन में रसोईया यूनियन के महेन्द्र तुरी, निर्माण कामगार यूनियन के नागेश्वर दास, शम्भू पासवान, बद्री तुरी, बालेश्वर राम, बसंती देवी, महेन्द्र तुरी, उषा देवी, राजेन्द्र दास, शिवनंदन भुईयाँ, गंगा देवी, मंजू देवी सहित दर्जनों लोग शामिल थे.


