Ranchi: रांची जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करते हुए एक भावपूर्ण पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में 11 सेवानिवृत्त शिक्षकों और 2 कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए शॉल, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया. खास बात यह रही कि सभी को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन और अन्य पेंशनरी लाभ भी उपलब्ध करा दिए गए.
शिक्षकों का सम्मान प्रशासन की जिम्मेदारी : उपायुक्त
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने की. उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि समाज और देश का भविष्य भी गढ़ते हैं. ऐसे शिक्षकों का सम्मान करना जिला प्रशासन का दायित्व है. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को अपने हक के लिए भटकना न पड़े, इसलिए प्रशासन समय पर सभी पेंशनरी लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को देने की अपील
उपायुक्त ने सेवानिवृत्त शिक्षकों से कहा कि नौकरी से भले ही वे सेवानिवृत्त हो गए हों, लेकिन समाज को उनकी जरूरत आज भी है. उन्होंने शिक्षकों से अपने अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को देने, सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने और स्वस्थ एवं सुखमय जीवन जीने की अपील की. उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की.
अधिकारियों ने भी सराहा योगदान
कार्यक्रम में अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, स्थापना उप समाहर्ता ज्योति वंदना कुजूर और जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने भी सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान की सराहना की. अधिकारियों ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर हैं और उनका सम्मान हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.


