Bermo: गिरिडीह लोकसभा सांसद चंद्र प्रकाश चैधरी के निर्देश पर उनके सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने बुधवार को कोलकाता स्थित DVC मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने ईडी एचआर (ED HR) से मुलाकात कर गिरिडीह संसदीय क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और उनके त्वरित समाधान की मांग रखी. बैठक के दौरान सांसद प्रतिनिधि ने नया प्लांट और नया बस्ती क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को सरकारी सुविधाएं न मिल पाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि जमीन का म्यूटेशन न हो पाने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका स्थायी समाधान निकाला जाना बेहद जरूरी है.
विस्थापित गांवों में आज भी बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं
इस दौरान उन्होंने विस्थापित गांवों की बदहाली पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, कि इन क्षेत्रों में आज भी बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने अधिकारियों से इन विस्थापित गांवों में बुनियादी जरूरतें बहाल करने का आग्रह किया. सांसद प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि डीवीसी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद का बेहतर उपयोग करे, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी, नाली, सड़क और पुल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जा सके.

पेंशनभोगियों को आवंटित आवास का रेंट कम करने की मांग
इसके अलावा उन्होंने मांग की, कि जिन रैयतों की जमीन परियोजना में गई है, उन्हें पेप कार्ड के माध्यम से अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं और लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएं. बैठक में पेंशनधारियों के हितों की रक्षा का मामला भी उठा. सांसद प्रतिनिधि ने अधिकारियों से कहा, कि जिन पेंशनभोगियों को डीवीसी की ओर से आवास आवंटित किया गया है, उनके रेंट को कम किया जाना चाहिए. उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर एक विशेष कमेटी का गठन कर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने का प्रस्ताव रखा. डीवीसी प्रबंधन ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए इन समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाया और जल्द ही आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया.
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